पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने कांग्रेस के वरिष्ट नेता अहमद पटेल को पश्चिम बंगाल से राज्य सभा भेजने ऑफर दिया था. लेकिन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उसे ठुकरा दिया.

दरअसल, कांग्रेस का मानना था कि अगर गुजरात के बजाय पटेल को बंगाल से राज्य सभा में भेजा गया तो पार्टी कार्यकताओं के बीच गलत संदेश जाएगा. क्योंकि गुजरात पटेल का गृह प्रदेश है. ऐसे में गुजरात विधान सभा चुनाव को ध्यान में रहकर ये फैसला लिया गया.

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ममता का ये ऑफर कांग्रेस के विधायक दल के नेता शंकर सिंह वाघेला और पार्टी के छह अन्य विधायकों की बगावत के बाद आया था. इन विधायकों के इस्तीफें के बाद अहमद पटेल के लिए बड़ी मुसीबत पैदा हो गई थी.

दरअसल पटेल को जीत के लिए 46 विधायकों का सपोर्ट चाहिए. असेंबली में कांग्रेस के 54 विधायक थे. वाघेला समेत 7 ने इस्तीफा दे दिया है. 47 विधायक बचे हैं. क्रॉस वोटिंग के डर से कांग्रेस ने अपने विधायकों को टूट से बचाने के लिए बेंगलुरू के एक रिजॉर्ट में ठहराया है.

कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी इस कोशिश में जुटी है कि गुजरात कांग्रेस के कम से कम 22 विधायक उसका साथ छोड़ दें. ऐसा करने से गुजरात विधानसभा में कांग्रेस की सदस्य संख्या 57 से घटकर 35 हो जाएगी.

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