त्रिपुरा में भाजपा की जीत को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि त्रिपुरा में बीजेपी की जीत माकपा का अहंकार और कांग्रेस का मेरी बात नहीं मानना है.

ममता ने कहा कि माकपा ने बीजेपी को ‘‘आत्मसमर्पण’’ किया है तो कांग्रेस ने गठबंधन के लिए सहमत नहीं होकर बड़ी भूल की है. उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी तृणमूल कांग्रेस और स्थानीय पहाड़ी दलों के साथ गठबंधन के लिए राजी हो जाते तो परिणाम अलग हो सकते थे. उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणाम से भाजपा को कई राज्यों में होने वाले चुनावों में फायदा नहीं मिलेगा.

ममता ने कहा, ‘‘ऐसे राज्य में जीत पर खुश होने की बात नहीं है जहां महज 26 लाख मतदाता हैं और दो संसदीय सीट हैं. साथ ही वोट का अंतर केवल पांच फीसदी है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘चुनावों में माकपा ने अच्छा प्रदर्शन किया है. यह केवल पांच फीसदी मतों का अंतर है. लेकिन त्रिपुरा में माकपा ने भगवा दल के विरोध में गंभीरता नहीं दिखाई.’’

उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में भाजपा की जीत के बावजूद ‘‘पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जीत आसान नहीं होगी. भाजपा को कर्नाटक, राजस्थान और मध्यप्रदेश में हार का सामना करना पड़ेगा. गुजरात में उनके लिए नैतिक हार थी.’’

पश्चिम बंगाल और ओडिशा को लेकर ममता ने कहा, ‘‘कभी-कभी तिलचट्टा भी पंख लगाकर मोर बनना चाहता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा कभी नहीं होगा और यह सपना ही रह जाएगा.’’

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