बिहार विधान सभा चुनाव और उप चुनावों में मिली करारी हार से कांग्रेस अभी उभरी भी नहीं थी कि राजस्थान में कांग्रेस के लिए परेशान करने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी आॅल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की जल्द ही राजस्थान में एंट्री होने वाली है।

इस खबर के सामने आने के बाद कांग्रेस के नेताओं में बेचैनी दिखना शुरू हो गई है। विधानसभा में मुख्य सचेतक महेश जोशी ने असदुद्दीन ओवैसी को बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी का एजेंट बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के कहने पर ही ओवैसी चुनावों में अपने प्रत्याशी खड़े करते हैं।

जोशी ने कहा कि जो पार्टियां देश की अखंडता और एकता को बनाए रखने का काम करती है। ओवैसी और भाजपा मिलकर ऐसी पार्टियों को कमजोर करने का काम करते हैं, लेकिन राजस्थान की जनता समझदार है। राजस्थान की जनता ध्रुवीकरण और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने वाले लोगों को विधानसभा चुनाव में नकार देगी और राजस्थान में फिर से कांग्रेस की सरकार बनेगी।

दूसरी और  कांग्रेस कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष रहे अब्दुल रज्जाक भाटी ने कहा कि मेयर चुनाव में जिस तरह  एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया, जयुपर हैरिटेज में सबसे ज्यादा मुस्लिम पार्षद होते हुए भी मेयर उम्मीदवार नहीं बनाया उसे लेकर मुस्लिम समाज में रोष है। ओवैसी की पार्टी को लेकर अंदरखाने चर्चाएं चल रही हैं। अगर ओवैसी की पार्टी आती है तेा इसका सीधा नुकसान कांग्रेस को होगा।

गौरतलब है कि महापौर चुनाव और सरकार में अपनी मांगों की अनदेखी को लेकर मुस्लिम समाज में कांग्रेस के खिलाफ नाराजगी है। प्रदेश के कई मुस्लिम संगठन एआईएमआईएम से संपर्क साध चुके है। इसके अलावा जयपुर, चूरू, सवाईमाधोपुर, अजमेर व झुंझुंनूं में औवेसी समर्थकों की टीम मुस्लिम मौहल्लों में जाकर समाज के प्रमुख लोगों से संपर्क कर रही है।

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