भाजपा की भोपाल लोकसभा सीट से प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा को लेकर जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने ट्वीट कर कहा, “ये हैं भारतीय बॉस बेबी। इनके सामने छोटा भीम और शिनचैन के जोखिम भरे कारनामे भी फीके पड़ जाए।” मुफ़्ती के ट्वीट को 136 ट्विटर यूज़र्स ने रिट्वीट किया और करीब 600 लोगों ने पसंद किया।

बता दें कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने रविवार को कहा कि वे बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराने गई थीं और उस पर चढ़कर उसे तोड़ा था। उन्होंने कहा, ‘”ढांचा तोड़ने पर मुझे गर्व है। ईश्वर ने मुझे अवसर और शक्ति दी थी, इसलिए मैंने यह काम कर दिया। मैंने देश का कलंक मिटाया था।” उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निश्चित रूप से बनाया जाएगा। उनके इस बयान पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए साध्वी प्रज्ञा को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।

जानेमाने वकील संजय हेगड़े ने ट्वीट कर लिखा “कभी तो सच बोलो। क्या आप 1988 में पैदा नहीं हुई थी? बाबरी मस्जिद का ढांचा 1992 में नहीं गिरा था? या फिर वीके सिंह के जैसे आपके भी जन्मदिन की दो तारीखें हैं?”  जानेमाने पत्रकार और न्यूज़ पोर्टल “द प्रिंट” के संस्थापक शेखर गुप्ता ने साध्वी प्रज्ञा से जुड़ी खबर को ट्वीट  कर कहा कि “वो चार की थीं। अतुलनीय प्रतिभावान बच्ची रही होंगी। छोटा भीम के लिए प्रेरणा…”

साध्वी प्रज्ञा के इस बयान के बाद उनकी उम्र को लेकर दावे किए गए। दरअसल, इंटरनेट पर वायरल कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि साध्वी प्रज्ञा की जन्म की तारीख 2 अप्रैल 1988 है। इसके बाद कई नेताओं और पत्रकारों ने भी दावा किया कि साध्वी प्रज्ञा का जन्म 1988 में हुआ था और इस लिहाज से जब बाबरी ढांचा गिराया गया, तब उनकी उम्र 4 साल रही होगी।

हालांकि साध्वी ने भोपाल लोकसभा सीट के लिए सोमवार को नामांकन भरा। इसमें उन्होंने अपनी उम्र 49 साल लिखवाई। अगर हाईकोर्ट में दायर दस्तावेज में उनकी उम्र 2016 में 44 साल थी तो 2019 में उनकी उम्र 47 साल होनी चाहिए थी।

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