Sunday, December 5, 2021

असीमानंद की बरी होने पर बोलीं महबूबा – कोई कश्मीरी या मुस्लिम होता तो दोषी ठहरा दिया जाता

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नई दिल्ली:  समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में असीमानंद और अन्य 3 आरोपियों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत द्वारा बरी किए जाने के फैसले पर महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को कहा कि असीमानंद को बरी किया जाना भगवा आतंक पर दोहरेपन को दिखाता है।

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा ने कहा, “महत्वपूर्ण सबूत होने के बावजूद आरएसएस के एक पूर्व सदस्य समेत आरोपियों को बरी कर दिया गया। भगवान न करे, अगर वह कश्मीरी या मुस्लिम होते तो उन्हें दोषी ठहरा दिया जाता और निष्पक्ष सुनवाई के बिना ही जेल में डाल दिया जाता। भगवा आतंक को लेकर ऐसी नर्मी और दोहरे मापदंड क्यों?”

बता दें कि पानीपत के बहुचर्चित समझौता ब्लास्ट मामले में सीमानंद समेत चारों आरोपी को बरी कर दिया गया है. पंचकूला की विशेष एनआईए कोर्ट ने सभी चारों आरोपी को मामले में बरी कर दिया. असीमानंद  के अलावा लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजेंद्र चौधरी मामले में बरी हो गए हैं.कोर्ट ने असीमानंद समेत सभी आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया.

12 साल पहले हुए इस ट्रेन धमाके में 68 यात्रियों की मौत हो गई थी. 18 फरवरी 2007 को हरियाणा के पानीपत में दिल्ली से लाहौर जा रही समझौता एक्सप्रेस में धमाका हुआ था. चांदनी बाग थाने के अंतर्गत सिवाह गांव के दीवाना स्टेशन के नजदीक ब्लास्ट हुआ था.

विस्फोट में 67 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक घायल की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई थी. 23 लोगों के शवों की शिनाख्त नहीं हुई थी. सभी शवों को पानीपत के गांव महराना के कब्रिस्तान में दफना दिया गया था.

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