बीजेपी से गठबंधन की वजह बताकर सरेआम फूट-फूटकर रोईं महबूबा मुफ्ती

10:43 am Published by:-Hindi News

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पहलगाम में एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रोते हुए बीजेपी से गठबंधन की वजह बताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने कश्मीर की भलाई के लिए ही बीजेपी से हाथ मिलाया था।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वह कहती हैं कि जनता ने इस बात को नहीं समझा कि पीडीपी ने बीजेपी से हाथ क्यों मिलाया। हमने सिर्फ कश्मीर की भलाई के लिए ऐसा किया। आखिर क्या वजह है कि लोग इस बात को नहीं समझ रहे। क्यों कश्मीर की जनता मेरे पिता (मुफ्ती मोहम्मद सईद) के बलिदान को नहीं समझ पा रही। बीजेपी से हाथ मिलाने का फैसला मेरे पिता जी का था। उन्होंने सोचा था इस फैसले से कश्मीर के हालात बदलेंगे।’

वह आगे कहती हैं, जब मेरे पिता का 2016 में निधन हुआ था तो आखिरी सांस तक उनके जहन में सिर्फ कश्मीर और उसकी जनता की समस्याएं ही थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारी कौम के लिए कुछ नहीं किया। उनसे पूछा जाना चाहिए उन्होंने राज्य में आई बाढ़ के बाद हमारे लिए 80000 करोड़ रुपए के पैकज की मदद दी या नहीं।

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भारत-पाकिस्तान के बीच क्रॉस एलओसी ट्रेड के निलंबन को करारा झटका बताते हुए कहा कि लगता है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की ओर से किए गए कामों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ध्वस्त करना चाहते हैं। पाकिस्तान या जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ बातचीत, रास्ते खोलने या कारोबार की बहाली जैसे वाजपेयी के विश्वास बहाली के कदम (सीबीएम) को आज की एनडीए सरकार दरकिनार करना चाहती है। चेताया कि ट्रेड को बंद किए जाने के नतीजे गंभीर होंगे।

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी जब कश्मीर आए थे तो उन्होंने यहां से पाकिस्तान से दोस्ती का हाथ बढ़ाया था। कहा था कि इंसानियत के दायरे में कश्मीर समस्या का हल किया जाएगा। अब ट्रेड बंद कर लगता है आगे जाने के बजाय हम पीछे जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर मसले का हल यह है कि जितने भी रास्ते हैं, सब खोले जाने चाहिए। जब वे मुख्यमंत्री थीं तब भी कारोबार बंद करने की कोशिश की गई थी। लेकिन उनके विरोध के कारण तब यह संभव नहीं हो सका था।

कहा कि वे केंद्र सरकार को बताना चाहती हैं कि जम्मू कश्मीर की समस्या काफी गंभीर हैं। बहुत मुश्किल है जिसका एक नजारा पुलवामा के दुर्भाग्यपूर्ण हमले के रूप में सामने आ चुका है। चेताया कि जम्मू-कश्मीर के रास्ते रोकेंगे तो उसके नतीजे गलत होंगे। जितने भी पुराने रास्ते हैं चाहे वह कारगिल-स्कूर्द, जम्मू-सियालकोट, मुजफ्फराबाद हों जो मध्य एशिया से कश्मीर को जोड़ते थे उन्हें खोलने होंगे। यहीं से कश्मीर मसले का रास्ता निकलेगा। उन्होंने कहा कि ट्रेड बंद कर पूरे मुल्क में जम्मू-कश्मीर को चुनाव में झोंका जा रहा है। यह दिखाया जा रहा है कि सख्त नीति अपनाई जा रही है। इसके परिणाम गंभीर होंगे। यह सब मतों के ध्रुवीकरण के लिए किया जा रहा है।

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