भोपाल: गोतस्करी और गोकशी के नाम पर राज्य की कमलनाथ सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई कर रही है। हाल ही में आगर मालवा जिले में अधिकारियों ने गायों के कथित अवैध परिवहन और सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए दो लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत मामला दर्ज किया है।

ऐसे में अब कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखा है। पत्र में आरिफ मसूद ने खंडवा में गौकशी के मामले में रासुका की कार्रवाई को एक पक्षीय बताया है। इससे पहले मामले में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी सवाल खड़े किए थे। पी चिदंबरम ने गोहत्या के मामले में तीन लोगों की रासुका के तरह गिरफ्तारी को गलत करार दिया है और कहा कि इसे मध्य प्रदेश सरकार के सामने उठाया गया है।

आरिफ ने कहा कि ये कार्रवाई सिर्फ एक पक्ष को सुनकर की गई है। लिहाजा उन्होंने एसआईटी गठन की मांग की है। आरिफ का कहना है कि सिर्फ एक पक्षीय कार्रवाई की गई है, दूसरे पक्ष को सुना ही नहीं गया है। उन्होंने कहा कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई है। साथ ही मसूद ने खंडवा कलेक्टर को हटाने की मांग की है।

मसूद का कहना है कि कलेक्टेर ने बीजेपी की मानसिकता से कार्रवाई की है। देश में गो-तस्करी के आरोप पर ही लोगों की हत्या कर दी जाती है। बच्चियों के साथ रेप किया जा रहा है, तब रासुका के तहत कार्रवाई नहीं की जाती है। जबकि इस मामले में शक के बिना पर एक पक्षीय कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यदि गोहत्या के आरोप में पुलिस रासुका की कार्रवाई करती है तो गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ भी इसी कानून के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के खिलाफ रासुका लगाया गया है, उनके परिजन के मुताबिक उनमें से एक ने भी गोहत्या नहीं की है।

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