ट्रिपल तलाक पर आए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को लेकर समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खां ने कहा कि कोर्ट के फैसले का सम्मान होना चाहिए. उन्होंने कहा शीर्ष अदालत का फैसला सम्मान करने योग्य है.

उन्होंने कहा कि इस मसले पर संसद में जो भी जो कानून बने वह उलेमाओं की राय से बने. उन्होंने साफ कहा कि राजनीतिक दल किसी धर्म में तब्दीली नहीं कर सकते. आजम खां ने कहा कि भारत में वाकई लोकतंत्र का कुछ भी हिस्सा बाकी है तो धार्मिक आस्थाओं से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए.

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सपा नेता ने कहा, किसी पार्टी का बहुमत होने से किसी का मजहब नहीं बदल जाता. कोई राजनीतिक दल हिंदू या इस्लाम धर्म में तब्दीली नहीं कर सकता. लोकतांत्रिक देश में जनता की अदालत है. भारत में लोकतंत्र है तो आस्था से खिलवाड़ नहीं होगा.

उन्होंने कहा, अगर पार्लियामेंट इस सिलसिले में कोई कानून बनाता है तो वह कानून वही होगा जो इस्लामिक स्कालर्स की राय होगी और उनका फैसला होगा. इस्लामिक स्कालर्स या किसी भी धर्म के पेशवर राजनीति से प्रेरित नहीं होते, वे किसी राजनैतिक पार्टी के वफादार नहीं होते, किसी राजनैतिक व्यक्ति या विचारधारा के वफादार नहीं होते.

उन्होने कहा, पार्लियामेंट जो भी कानून बनाएगी, वह मुसलमानों के धर्म या आस्था और उलेमाओ के दिए हुए, स्कालर्स के दिए हुए मश्वरे पर कानून बनाएगी

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