लालू यादव का बड़ा दावा – नीतीश महागठबंधन में करना छाते थे वापसी, लेकिन मना कर दिया

नई दिल्ली राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने दावा किया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग होने और भाजपा से हाथ मिलाने के छह महीने बाद दोबारा वापसी करना चाहते थे लेकिन मैंने मना कर दिया क्योंकि नीतीश पर उनका भरोसा पूरी तरह खत्म हो गया।

जल्द लांच होने वाली अपनी किताब ‘गोपालगंज टु रायसीना: माइ पॉलिटिकल जर्नी’ में लालू ने कहा कि नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी जेडी(यू) के उपाध्यक्ष और अपने विश्वासपात्र प्रशांत किशोर को अलग-अलग मौकों पर अपना दूत बनाकर उनके पास पांच बार भेजा। प्रशांत किशोर ने हर बार नीतीश की ‘धर्मनिरपेक्ष’ धड़े में वापसी पर लालू को राजी करने की कोशिश की।

इस पुस्तक में लालू लिखते हैं, ‘किशोर यह जताने की कोशिश कर रहे थे कि अगर मैं जेडी(यू) को लिखित में समर्थन सुनिश्चित कर दूं तो वह बीजेपी से गठबंधन तोड़कर महागठबंधन में दोबारा शामिल हो जाएंगे। हालांकि, नीतीश को लेकर मेरे मन में कोई कड़वाहट नहीं है, लेकिन मेरा उन पर से विश्वास पूरी तरह हट चुका है।’

लालू आगे बताते हैं, ‘हालांकि, मुझे नहीं पता कि अगर मैं प्रशांत किशोर का प्रस्ताव स्वीकार कर लेता तो 2015 में महागठबंधन वोट देने वालों और देशभर में बीजेपी के खिलाफ एकजुट हुए अन्य दलों की क्या प्रतिक्रिया होती।’ लालू ने यह पुस्तक नलिन वर्मा के साथ मिलकर लिखी है जिसका प्रकाशन रूपा पब्लिकेशंस कर रही है।

लालू की इस किताब का नलिन वर्मा ने सह-लेखन किया है। यह किताब रूपा पब्लिकेशन इंडिया द्वारा प्रकाशित होगी। जदयू के महासचिव केसी त्यागी ने लालू के उस दावे को खारिज किया है जिसमें कहा गया था कि नीतीश ने दोबारा महागठबंधन में जाने की कोशिश की थी।

उन्होंने गुरुवार को कहा, ‘पार्टी के शीर्ष नेता होने के तौर पर मैं यह कहना चाहता हूं कि नीतीश ने 2017 में राजद से अलग होने के बाद दोबारा कभी वापस नहीं जाना चाहते थे। यदि ऐसी कोई इच्छा होती तो यह पार्टी की आंतरिक बातचीत में जरूर होती। जदयू का राजद को अस्वीकार कर देना स्थायी था और नीतीश कुमार भ्रष्टाचार पर समझौता कर लेने वाले आखिरी व्यक्ति होते। इसी कारण लालू के सभी दावे झूठे हैं।’

प्रशांत किशोर ने लालू के दावे को न तो खारिज किया और न ही स्वीकार किया। उन्होंने कहा, ‘मैं न तो किसी चीज की पुष्टि करुंगा और न ही कुछ कहूंगा। आपको जो लिखना है वह आप लिख सकते हैं।’ बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार ने लालू के दावों का खंडन किया है। उन्होंने कहा, ‘लालू ने सभी दावे फर्जी हैं।’

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