नई दिल्ली | रविवार को राजस्थान के धौलपुर में हुए विधानसभा उपचुनावों में करीब 18 ईवीएम मशीनो में गड़बड़ी पायी गयी. जिसके बाद इन मशीनो को बदल दिया गया. मतदाताओ का कहना है की वो वोट किसी और पार्टी को डाल रहे है जबकि VVPAT से पर्ची कमल के फूल की निकल रही है. धौलपुर से इस तरह की खबरे आने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने एक बार फिर चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.

उन्होंने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस करके चुनाव आयोग से पुछा की क्या इस तरह एमसीडी में निष्पक्ष चुनाव कराये जायेंगे. केजरीवाल ने एक वेबसाइट की खबर को साझा करते हुए कहा की एमसीडी चुनावो के लिए राजस्थान से ईवीएम् मंगाई जा रही है. जबकि कल धौलपुर में हुए विधानसभा उप चुनाव में साफ़ साफ़ देखा गया की वोट किसी को भी डालो पर्ची कमल की निकल रही है.

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केजरीवाल ने चुनाव आयोग से सवाल किया की आखिर गड़बड़ी वाली मशीनो में केवल बीजेपी को ही क्यों वोट पड़ रहा है? अभी तक ऐसी कोई भी गड़बड़ी वाली मशीन सामने नही आई जिसने किसी और पार्टी को वोट दिया हो. इसका मतलब साफ़ है की मशीन की प्रोग्रामिंग बदली गयी है. इसलिए सवाल यह उठता है की आखिर चुनाव आयोग की ईवीएम् की जाँच क्यों नही करा रहा?

केजरीवाल ने पुछा की आखिर इसकी जाँच क्यों नही की जा रही है की ईवीएम् के अन्दर किसने प्रोग्रामिंग बदली है, इसके पीछे मंशा क्या है और यह कब बदली गयी? लेकिन चुनाव आयोग इन सबके जवाब देने की बजाय मशीन बदल देता है जिससे संसय पैदा होता है की आखिर चुनाव आयोग मशीनो की जाँच क्यों नही करा रहा है? इसका मतलब चुनाव आयोग चाहता है की बीजेपी सत्ता में आये.

केजरीवाल ने चुनाव आयोग को धृतराष्ट्र बताते हुए कहा की चुनाव आयोग अपने दुर्योधन बेटे बीजेपी को हर हाल में सत्ता तक पहुँचाना चाहता है. मैं एक बार फिर चुनाव आयोग को चुनौती देता है हूँ की गड़बड़ी वाली ईवीएम् हमें दे दे , हम बता देंगे की क्या गड़बड़ हुई है. धौलपुर की घटना पर उन्होंने कहा की एक विधानसभा में कुल 200 बूथ होते है, जिनमे से 18 मशीन में गड़बड़ पाई गयी. मतलब 10 फीसदी गड़बड़ है. आपने भिंड की मशीन को भी क्लीन चिट दे दी है. अगर VVPAT न हो तो गड़बड़ी का पता लगाना भी मुश्किल है.

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