नई दिल्ली | पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावो के नतीजे आने के बाद कई पार्टियों में हलचल मच गयी. खासकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के नतीजो ने सबको हैरत में डाल दिया. दोनों प्रदेशो में बीजेपी ने रिकॉर्ड तोड जीत दर्ज की. वही पंजाब के नतीजो ने भी सबको चौंका दिया. यहाँ पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी बड़ी मजबूती के साथ कांग्रेस और अकाली को टक्कर देती दिख रही थी.

लेकिन पंजाब की जनता ने अकाली दल को आम आदमी पार्टी से ज्यादा वोट देकर सबको सकते में डाल दिया. अकालियो को जहाँ 31 फीसदी वोट मिली वही ‘आप’ 25 फीसदी वोटो पर सिमट गयी. यही बात दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को हजम नही हो रही है. इसलिए मायावती के बाद केजरीवाल ने भी ईवीएम् मशीन में धांधली होने की बात कही है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

बुधवार को एक प्रेस वार्ता में केजरीवाल ने कहा की पंजाब में आप बड़ी मजबूती के साथ चुनाव लड़ रही थी. सभी सर्वे भी इस बात की पुष्टि कर रहे थे की वहां अकाली दल के खिलाफ लोगो में काफी गुस्सा है और आम आदमी पार्टी सत्ता में आती दिख रही है. लेकिन नतीजो में हमें अकाली दल से भी कम वोट मिली है. हालाँकि हम सीटें उनसे ज्यादा जीतने में कामयाब रहे लेकिन वोट परसेंट अकाली दल का ज्यादा रहा.

केजरीवाल ने आगे कहा की इसलिए सवाल उठता है आखिर अकाली दल को 30 फीसदी वोट कैसे मिले? मुझे आशंका है की ईवीएम् में छेड़छाड़ कर आम आदमी पार्टी के वोट अकाली और कांग्रेस को ट्रान्सफर किये गए. हमारे 20 से 25 फीसदी वोट अकाली और कांग्रेस में शिफ्ट कर दिए गए. हर सर्वे में बताया गया की मालवा में आप स्वीप कर रही है जबकि माझा कांग्रेस जीत रही है. दोआब में दोनों के बीच कांटे की टक्कर बतायी गयी.

दिल्ली में आप को बहुमत मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा की किरण बेदी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के बाद बीजेपी को पूरा कॉन्फिडेंस था की वो दिल्ली जीतेंगे इसलिए उन्होंने कोई छेड़छाड़ नही की. हालाँकि केजरीवाल ने कहा की हमारा इरादा चुनावो को रद्द कराना नही है. क्योकि यह अब नही हो सकता. लेकिन मैं एक दो दिन में चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखूंगा.

केजरीवाल ने आगे कहा की इसमें मैं चुनाव आयोग से आग्रह करूँगा की वो ईवीएम मशीन के साथ लगे वीवीपैट की पर्ची की गिनती कर उसका मिलान ईवीएम के नतीजे से करे. यह इसीलिए भी जरुरी है क्योकि अगर लोगो में यह सन्देश गया की ईवीएम् मशीन से छेड़छाड़ की जा सकती है तो यह लोकतंत्र के लिए सही नही होगा. मालूम हो की सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन चुनावो में कुछ जगह पर ऐसे ईवीएम् मशीन लगाई गयी जिनसे वोट डालने के बाद एटीएम की तरह पर्ची निकलती थी.

Loading...