रविदास मंदिर मामले में राजनीति तेज, केजरीवाल सरकार ने लिया बड़ा फैसला

7:53 pm Published by:-Hindi News

नई दिल्ली: सुप्रीम को आदेश के बावजूद भी रविदास मंदिर मामले में राजनीति रुक नहीं पा रही है। बुधवार को राजधानी दिल्ली दलितों के हिंसक प्रदर्शन के बाद अब ये मामला बड़ा रूप ले चुका है। मामले में अब दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने गुरुवार को फैसला किया कि जहां मंदिर तोड़ा गया, वहां भव्य मंदिर बनाया जाएगा। दिल्ली विधानसभा ने इसके लिए प्रस्ताव भी पारित कर दिया है।

इस प्रस्ताव में कहा गया है कि जहां पर मंदिर तोड़ा गया है वहीं पर केंद्र सरकार से जमीन मिलने के बाद मंदिर का निर्माण किया जाएगा। प्रस्ताव में कहा गया है है कि मंदिर तोड़े जाने से करोड़ों भारतीय लोगों की आस्था आहत हुई है। इसी का ख्याल रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

मालूम हो कि दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है और यहां की जमीन केंद्र सरकार के अधीन है। केजरीवाल सरकार ने इसीलिए केंद्र सरकार से जमीन मिलने के बाद निर्माण शुरू करने की बात कही है।

बता दें कि पिछले दिनों डीडीए ने अपनी जमीन पर बने रविदास मंदिर को उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद तोड़ दिया था। इसके खिलाफ दिल्ली, यूपी, हरियाणा और पंजाब से आए दलितों ने प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन ऐसे समय में किया गया जब सुप्रीम कोर्ट ने इसे राजनीतिक रंग न देने की हिदायत दी थी।

19 अगस्त, 2019 को सुप्रीम कोर्ट के जज अरुण मिश्रा और एमआर शाह की पीठ ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली की सरकारों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि इस मुद्दे पर राजनीतिक रूप से या प्रदर्शनों के दौरान कानून व्यवस्था संबंधी कोई स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।

पीठ ने कहा था कि हर चीज राजनीतिक नहीं हो सकती। धरती पर किसी के भी द्वारा हमारे आदेश को राजनीतिक रंग नहीं दिया जा सकता।

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