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नई दिल्ली | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने आज फिर , प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री को लेकर सवाल उठाये. उन्होंने कहा की जनता को जानने का हक़ है की उनका प्रधानमंत्री कितना पढ़ा लिखा है. केजरीवाल ने मोदी से व्यापारियों और किसानो के लोन मांफ करने की भी मांग की. यह पहला मौका नही है जब केजरीवाल , मोदी की डिग्री पर सवाल उठा रहे है. वो पहले भी मोदी की डिग्री को फर्जी बता चुके है.

गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में केजरीवाल ने कहा की प्रधानमंत्री जी अपनी डिग्री छुपा रहे है. अगर उन्होंने सच में पढाई की है तो उन्हें डिग्री दिखने में हिचकना नही चाहिए. वो कभी कहते है की मैं 10वी पास हूँ फिर कहते है की मैंने पत्राचार से डिग्री ली है. लेकिन गुजरात हाई कोर्ट से आग्रह करते है की उनकी डिग्री सार्वजानिक न की जाए. उन्होंने आज दिल्ली से अपने सबसे बड़े वकील तुषार मेहता को बहस के लिए भेजा है.

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केजरीवाल ने आगे कहा की मोदी जी ने नोट बंदी का इतना बड़ा फैसला लिया है, तो जनता को जानने का हक़ है की प्रधानमंत्री को अर्थशास्त्र का ज्ञान है भी या नही. या उन्होंने केवल अमित शास से सलाह लेकर इसको लागू कर दिया. न उनको ये मालूम की इसके अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगे. इसलिए हम उनसे आग्रह करते है की गुजरात हाई कोर्ट में उनके वकील कहे की हम मोदी जी की डिग्री दिखाने के लिए तैयार है.

केजरीवाल ने नोट बंदी से बैंकों में जमा हुए 12.50 लाख करोड़ रूपए पर बोलते हुए कहा की मैं मोदी जी मांग करता हूँ की जो साढ़े बारह लाख करोड़ रूपए नोट बंदी से बैंकों में आया है उससे व्यापारियों और किसानो का कर्जा माफ़ किया जाए. इस राशी का इस्तेमाल विजय माल्या की तरह अपने उधोगपति दोस्तों का लोन माफ़ करने में नही किया जाना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट के उस बयान पर जिसमे उन्होंने कहा था की चुनी हुई सरकार को कुछ शक्तिया मिलनी चाहिए पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा की अगर हमें हमारी शक्तिया वापिस मिलती है, एसीबी वापिस मिलती है तो हम उन सब भष्ट अधिकारियो को कार्यवाही करेंगे जो दिल्ली सरकार के अधीन होते हुए भी भ्रष्टाचार में डूबे हुए है और कोई काम नही कर रहे है.

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