अरुणाचल प्रदेश में जनता दल (यूनाइटेड) के 6 विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने को लेकर बिहार में जेडीयू और बीजेपी के गठबंधन के खिलाफ आवाज उठने लगी है। पार्टी महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि यह गठबंधन की राजनीति के लिए ठीक नहीं है।

बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में नीतीश कुमार की पार्टी यानि जदयू के सात विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। इनमे से तलेम तबोह, जिक्के ताको, हयेंग मंगफी, दोर्जी वांग्डी खर्मा, डोंग्रु सियोंग्जु, कांगोंग ताकू बीजेपी में शामिल हो गए। इसके अलावा पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) के लिकाबाली निर्वाचन क्षेत्र से विधायक करदो निग्योर ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया।

इस मामले में त्यागी ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश की घटना को लेकर जेडीयू ने क्षोभ व्यक्त किया है। बीजेपी को अटल बिहारी वाजपेयी के अटल धर्म को अपनाना चाहिए। जेडीयू ने इस मसले पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से बात की है। साथ ही त्यागी ने कहा कि लव जिहाद के घृणात्मक काम को लेकर समाज को बांटा जा रहा है , इसे ठीक नही माना जा रहा है।

इससे पहले जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने मामले को दबाने की कोशिश की थी। राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक के बाद उन्होने कहा था कि हमारा ध्यान पार्टी की प्रस्तावित बैठक पर केंद्रित है। वह अपने रास्ते चले गए हैं।

दूसरी और आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने अपने बयान में कहा कि गठबंधन धर्म का उल्लंघन कर बीजेपी ने संदेश दे दिया कि वह नीतीश कुमार को महत्व नहीं देती। शिवानंद तिवारी ने यह भी दावा किया कि हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई राज्य के दो उप मुख्यमंत्रियों तार किशोर प्रसाद और रेनू देवी की बैठक हुई। इसमें उन्हें बताया गया कि बिहार के लोगों ने बीजेपी में विश्वास जताया है जिसके चलते पार्टी को ज्यादा सीटें मिली है।

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