Wednesday, June 23, 2021

 

 

 

जब पैलेट से कश्मीरियों की आंखों की रोशनी छीनी थी तब हमदर्दी कहाँ गई थी: ओवैसी

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ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहाद उल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने फिल्म ‘दंगल’ में गीता फोगट का किरदार निभाने वाली जायरा वसीम को निशाना बनाये जाने को लेकर आलोचना की हैं. साथ ही उन्होंने जायरा वसीम के प्रति सहानुभूति दिखाने वालों को भी अपने निशाने पर लिया हैं.

ओवैसी ने कहा कि ज़ायरा वसीम को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मुलाक़ात के बाद उसको माफ़ी मांगने के लिए मजबूर करना बिलकुल ग़लत है. उन्होंने कहा कि किसी पर इतना दबाव डालना कि उसे बाद में माफी मांगनी पड़े यह बिल्कुल बेबुनियाद और गैर जरूरी है. साथ ही ओवैसी ने कहा कि उसके पास मौजूद लोग अच्छे हैं लेकिन नहीं भूलना चाहिए कि कश्मीर में बच्चों ने आंखों की रोशनी खोई है इसकी चिंता भी होनी चाहिए.

दरअसल 16 वर्षीय जायरा वसीम को जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मुलाकात के बाद आलोचना का सामना करना पड़ा था. कश्मीरी युवा घाटी में हिंसा के दौरान पैदा हुए हालात के लिए महबूबा मुफ़्ती को जिम्मेदार मानते हैं. इसके लिए उन्होंने जायरा वसीम की महबूबा मुफ़्ती से मुलाक़ात पर नाराजगी जाहिर की थी.

ओवैसी ने कहा, ‘‘कुछ करने या नहीं करने के लिए, खास कर 16 साल की लड़की पर दबाव नहीं बनाना चाहिए. यह बिल्कुल अनुचित और अनावश्यक है. इस तरह का उनपर दबाव बनाया गया कि उन्हें उस चीज के लिए माफी मांगनी पड़ी जिसकी जरूरत ही नहीं थ.’’

उन्होंने आगे कहा कि, ‘‘साथ ही जो लोग इस नन्हीं बच्ची के लिए हमदर्दी दिखा रहे हैं उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए कि जब ऐसे सैकड़ों किशोर अपनी आंख की रोशनी गंवा रहे थे या पैलेट गन से हमले में जो आंशिक तौर पर दृष्टिहीन हो गए तब सहानुभूति कहां थी.’’

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