पुलवामा आतंकी हमले के बाद कश्मीरी छात्रों पर हो रहे हमले की पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने निंदा की। साथ ही उन्होने पीएम मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। मुफ्ती ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय के रुख से घाटी के युवा पाकिस्तान जाने को मजबूर हो सकते हैं।

पीएम की चुप्पी पर महबूबा बोलीं, “पुलवामा में जो हुआ, वह हैरान करने वाला है। हम इस आतंकी हमले को भुला न पाएंगे, पर इसे लेकर कश्मीरियों के साथ देश में जो हो रहा है, वह गलत है। उन बाकियों को क्या गलती है? वे बेकसूर हैं। वे पढ़ाई या रोजगार के सिलसिले में बाहर जाते हैं। पर उनके साथ जो हिंसा और मारपीट हो रही है, उसकी आलोचना होनी चाहिए। बदकिस्मती है कि पीएम ने भी अभी तक इस मसले पर निंदा नहीं की है।”

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बकौल पूर्व सीएम, “कश्मीरी छात्रों और व्यापारियों के साथ जो सलूक किया जा रहा है, वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और प्रधानमंत्री के बारे में बहुत कुछ कहता है। हमारे राज्य के बच्चे वापस लौटने को मजबूर हैं, जबकि पीएम चुप्पी साझे हैं। यह चीज छात्रों को अकेलेपन की ओर ले जाएगी।”

मेघालय के राज्यपाल के बयान पर मुफ्ती ने कहा, “मेघालय के राज्यपाल को तत्काल हटा दिया जाना चाहिए। सरकार के पास कश्मीर में जमीन है, लेकिन उसे लोगों के दिल जीतने की जरूरत है। मगर ऐसा ही रवैया रहा, तब कश्मीरी पाक जाने पर मजबूर हो जाएंगे।”

इसके अलावा उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के बयान पर महबूबा मुफ्ती ने अपने ट्वीट में कहा है कि ‘उत्तराखंड के भाजपा मंत्री उन पीडीपी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराना चाहते हैं, जो देहरादून जाकर परेशान कश्मीरी छात्रों को ढांढस बंधाने और उन्हें वापस ले जाने आए थे। इस मामले में अराजक तत्वों पर कार्रवाई करने की बजाए वह बेकसूर कश्मीरियों को सजा देना चाहते हैं। अंत में महबूबा ने इसे शर्मनाक (शेम) लिखा।’

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