राफेल डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर उंगली उठाते हुए मंगलवार को कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने मोदी को ‘न खाऊंगा-न खाने दूंगा’ का नारा बदलकर ‘न बताऊंगा-न बताने दूंगा’ कर देना चाहिए। सिब्बल ने तंज कसते हुए कहा, ‘अच्छे दिन को भूल जाओ लेकिन राफेल डील के बारे में बताओ।’

सिब्बल ने कहा कि ‘मनोहर पर्रिकर, अरुण जेटली और निर्मला सीतारमण को भी पीएम मोदी के नए करार के ऐलान की जानकारी नहीं थी। इस बारे में सिर्फ दो लोग जानते थे, एक फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और दूसरा प्रधानमंत्री मोदी।’

राफेल से जुड़े आंकड़ों का जिक्र करते हुए सिब्बल ने कहा, ’28 मार्च 2015 को रिलायंस डिफेंस इसमें शामिल थी। 25 मार्च 2015 को इरिक ट्रेपियर ने HAL के साथ करार को आखिरी रूप दिया था। 11 मार्च 2015 को HAL और डेसाल्ट द्वारा निर्मित राफेल की संबंधित कंपनियों द्वारा गारंटी दी जाएगी।’

सिब्बल ने कहा, ‘आठ अप्रैल 2015 को भारत के विदेश सचिव ने कहा कि राफेल डील का उस वक्त जिक्र नहीं था, जब पीएम मोदी 10 अप्रैल 2015 को फ्रांस गए थे, लेकिन प्रधानमंत्री ने 36 राफेल विमान डील का ऐलान किया। इसके बारे में किसी को नहीं मालूम था।’

उन्होंने कहा, ‘भाजपा कहती है कि राफेल डील को लेकर वैश्विक साजिश हो रही है, लेकिन डील के वक्त पीएम मोदी पेरिस में थे, कांग्रेस वहां नहीं थी, फिर साजिश कौन कर रहा है?’ सिब्बल ने कहा कि राफेल करार में 22 हजार लोगों के रोजगार का रास्ता खुला था, लेकिन बाद में पीएम ने इस पर कोई बात नहीं की। इस पर उन्हें उत्तर देना चाहिए।’

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