बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने देश के अगले राष्ट्रपति को दलित समुदाय से बनाये जाने की मांग उठाई हैं.  उन्होंने कहा कि अगला राष्ट्रपति दलित समाज से होना चाहिए.

देश के वर्तमान राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का कार्यकाल इस वर्ष 25 जुलाई को पूरा होने जा रहा हैं. ऐसे में देश के अगले राष्ट्रपति के लिए उम्मीदवारों की तलाश हो रही हैं. राष्ट्रपति का पद यूं तो गैर राजनीतिक होता है लेकिन इस पद की चुनाव प्रक्रिया में राजनीतिक और दलगत समीकरण से ही उम्मीदवारों की जीत-हार तय होती है.

राष्ट्रपति के चुनाव जिस निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है, उसमें संसद के दोनों सदनों तथा राज्य और केंद्र शासित प्रदेशाें की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य ही भाग लेते हैं. पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों की भूमिका ही निर्णाय होगी.

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देश में अब तक 13 राष्ट्रपति में से एक दलित समाज से हुए हैं. केआर नारायण 1997 में राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे और 2002 तक इस पद रहे.

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