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नई दिल्ली | नोट बंदी के बाद पूरा विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ खड़ा नजर आ रहा है. लेकिन एक शख्स अभी भी मोदी सरकार के इस फैसले के साथ दिखाई दे रहे है. वो शख्स है , बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार. जेडीयु में नितीश कुमार इस फैसले के पक्ष में है जबकि उनके नेता शरद यादव् राज्यसभा में इसके खिलाफ बोलते नजर आते है. नोट बंदी से लोगो को हो रही मुश्किलें अभी कम भी नही हुई थी की मोदी सरकार के एक मंत्री ने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया.

मोदी सरकार में मंत्री गिरिराज सिंह ने नोट बंदी के फैसले का समर्थन करते हुए एक नया शिगूफा छोड़ दिया. उन्होंने कहा की जिस तरह मोदी जी ने भ्रष्टाचार और कालेधन को नियंत्रण में करने के लिए नोट बंदी की है उसी तरह देश की बढ़ी आबादी पर नियंत्रण करने के लिए नस बंदी की भी जरुरत है. अगले कदम के तौर पर मोदी सरकार को नस बंदी अभियान चलाना चाहिए.

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गिरिराज के इस बयान पर विवाद होना लाजिमी था और हुआ भी. विपक्ष ने गिरिराज के इस बयान की आलोचना करते हुए इस गैरजिम्मेदाराना बयान बताया. नोट बंदी का समर्थन कर रही जेडीयु ने गिरिराज के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा की नस बंदी देश में लागु होगी या नही , यह तो नही पता लेकिन एक बात तय है की नोट बंदी से बीजेपी की नस बंदी होना तय है.

उधर विवाद बढ़ता देख गिरिराज सिंह ने सफाई दी की हर साल देश की आबादी बढ़ जाती है. हम हर साल एक ऑस्ट्रेलिया के बराबर जनसँख्या बढ़ा देते है. जबकि जनसँख्या के मुकाबले देश में संसाधन काफी कम है. अगर इस स्थिति को नियंत्रित नही किया गया तो आगे हमें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. यह देश के विकास और राष्ट्रहित में है.

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