पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले में एक उच्च विद्यालय में शिक्षकों की भर्ती को लेकर पुलिस के साथ संघर्ष में दो छात्रों की मौत के बाद बीजेपी ने 26 सितंबर को राज्य में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है। हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में बंद का सवाल ही नहीं उठता। यदि कोई बंद बुलाता है तो वे प्रशासन से इससे सख्ती से निपटने को कहेंगी।

जानकारी के अनुसार, इस्लामपुर के दरिभीत हाईस्कूल में गुरुवार को झड़प हुई थी। संबंधित हाईस्कूल में नवनियुक्त उर्दू शिक्षक पुलिस की मदद से जब प्रवेश कर रहे थे तो स्थानीय लोगों ने उन्हें घुसने से रोका। इसके बाद पुलिसकर्मियों के साथ इन लोगों की झड़प हुई थी। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने कहा था कि इस भीड़ के पास बम और हथियार थे और झड़प में 14 पुलिसकर्मी घायल हो गये थे।

इस घटना के सिलसिले में सात लोग हिरासत में लिये गये हैं, जिनमें से कुछ भाजपा समर्थक भी हैं। भाजपा ने बृहस्पतिवार की घटना को लेकर उत्तरी दिनाजपुर जिले में 12 घंटे का बंद रखा था। इस मामले में ममता ने भाजपा और संघ को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि राज्य में भाजपा और संघ आग से खिलवाड़ कर रहे हैं। केंद्र सरकार की चार साल की खामियों को छिपाने के राजनीतिक उद्देश्य से बंद बुलाया जा रहा है, ताकि जनता का ध्यान भटकाया जा सके।

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शनिवार को इटली के मिलान शहर में भाजपा के बंगाल बंद को लेकर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा – ‘कोई-कोई बंद बुलाकर बैठा है, वे (भाजपा, संघ) उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर छात्रों को बहकाकर सांप्रदायिक रंग देना चाहते हैं। भाजपा स्कूलों में राजनीति कर रही है लेकिन यह बंगाल है, बिहार या उत्तर प्रदेश नहीं। दूसरे प्रदेशों से लोगों को लाकर यहां अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है। बंगाल की संस्कृति इसकी इजाजत नहीं देती। बंगाल में सांप्रदायिक राजनीति के लए कोई जगह नहीं है।

ममता ने आगे कहा कि इस्लामपुर के घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बंद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, 365 दिन बंद नहीं होगा।

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