देश की पहली प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इंदिरा को याद करते हुए कहा कि वे धर्म व जाति के नाम पर भारतीय लोगों को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ धर्मनिरपेक्षता के लिए लड़ीं थीं.

इंदिरा गांधी के जीवन व उपलब्धियों पर ‘अ लाइफ ऑफ करेज’ फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि “हम 16 साल से ज्यादा समय तक एक घर में रहे. हमारे छोटे से परिवार की मुखिया थीं वह और इसी दौरान मैंने उन्हें करीब से जाना. मैंने उन्हें हर मूड व परिस्थिति में करीब से देखा है.”

उन्होंने कहा, “मुझे समझ में आया थी कि कितनी शिद्दत से वह अपने देश के लिए सोचती थीं, गरीब व पीड़ित की मदद कितनी गहराई से करती थीं, वह कैसे अपने पिता व भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के अन्य महान पुरुषों व महिलाओं से प्राप्त सीख का निष्ठा से पालन करती थीं.”

सोनिया ने कहा कि इंदिरा जी को धौंस, उत्पीड़न और अन्याय किसी भी स्तर पर बर्दास्त नहीं था. उनके चरित्र का बुनियादी हिस्सा था. इस गुण से वह जीवनभर प्रभावित रहीं और इसी के आधार पर उन्होंने जीवन की विभिन्न चुनौतियों का मुकाबला किया.

कांग्रेस प्रमुख ने कहा, “देश का नेतृत्व करने के लिए दिए गए 16 सालों में बहुत सी चुनौतियों का सामना उन्हें करना पड़ा था. इसमें युद्ध व आतंकवाद थे तो असमानता व देश की गरीबी से लड़ाई थी. उन्होंने सभी का सामना साहस के साथ किया और भारत को मजबूत, एकजुट व समृद्ध बनाने के लिए पूरी तरह से समर्पित रहीं.

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