Tuesday, October 26, 2021

 

 

 

आरसीईपी में शामिल होने से भारत का इंकार, चीन को करारा झटका

- Advertisement -
- Advertisement -

बैंकॉक. भारत ने सोमवार को दक्षिण-पूर्वी और पूर्व एशिया के 16 देशों के बीच मुक्त व्यापार व्यवस्था के लिए प्रस्तावित क्षेत्रीय समग्र आर्थिक साझेदारी (आरसीईपी) समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।

विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) विजय ठाकुर सिंह ने कहा- भारत ने शिखर बैठक में इस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करने के निर्णय की जानकारी दे दी है। यह निर्णय मौजूदा वैश्विक परिस्थिति और समझौते की निष्पक्षता और संतुलन दोनों के आकलन के बाद लिया गया है। इस बैठक में भारत द्वारा उठाए गए मुख्य मुद्दों का कोई समाधान नहीं निकल सका है। समझौते के प्रावधान देश के नागरिकों के हितों के प्रतिकूल हैं। वर्तमान परिस्थितियों में भारत आरसीईपी में शामिल नहीं हो रहा है।

आरसीईपी क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी एक व्यापार समझौता है। यह सदस्य देशों को एक दूसरे के साथ व्यापार करने की सहूलियत देता है। समझौते के अनुसार सदस्य देशों को आयात व निर्यात पर लगने वाला टैक्स या तो बिल्कुल नहीं भरना पड़ता है या बहुत ही कम भरना पड़ता है।

आरसीईपी में दस आसियान देश और उनके छह मुक्त व्यापार भागीदार चीन, भारत, जापान, दक्षिण, कोरिया, भारत, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं। शनिवार को हुई बैठक में 16 आरसीईपी देशों के व्यापार मंत्री भारत द्वारा उठाए गए लंबित मुद्दों को हल करने में विफल रहे थे। हालांकि, आसियन शिखर बैठक से अलग कुछ लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए पर्दे के पीछे बातचीत जारी थी।

rand

इस बीच, क्षेत्रीय समग्र आर्थिक समझौते (आरसीईपी) का हिस्सा नहीं बनने के सरकार के फैसले को अपनी जीत करार देते हुए कांग्रेस ने सोमवार (04 नवंबर) को दावा किया कि विपक्ष के दबाव में भाजपा सरकार को अपने कदम पीछे खींचने पड़े।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि यह उन सभी लोगों की जीत है जो राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से जोरदार विरोध के चलते भाजपा सरकार को किसानों, दुग्ध उत्पादकों, मछुआरों, छोटे एवं मझोले कारोबारियों के हितों को नुकसान पहुंचाने से अपने कदम पीछे खींचने पड़े।’’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles