57 मुस्लिम देशो द्वारा जेरुसलम को फिलिस्तीन की राजधानी के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद अब भारत में मांग उठने लगी है कि केंद्र सरकार जेरुसलम को फिलिस्तीन की राजधानी के रूप में प्रदान करे.

आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि भारत को फिलिस्तीनियों के समर्थन में स्पष्ट रूप से खड़ा होना चाहिए क्योंकि देश ने ऐतिहासिक दृष्टि से उनका समर्थन किया है.

उन्होंने भारत सरकार से इजरायल के साथ हथियारों की खरीद और कूटनीतिक संबंध समाप्त करने का भी बात कही. साथ ही ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनवरी में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहु को भारत नहीं आने देना चाहिए.

इस दौरान उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन की तारीफ़ की. उन्होंने कहा, उन्होंने इजराइल के खिलाफ बोल्ड स्टैंड लिया है. औवेसी ने कहा कि फिलीस्तीनियों के आंदोलन के प्रतिरोध का सम्मान किया जाना चाहिए. इजरायल को एक आतंकवादी देश घोषित किया जाना चाहिए.

ओवैसी ने मुस्लिम उम्माह को संबोधित करते हुए कहा, जेरुसलम की हिफाजत के लिए उम्माह को कोई भी बलिदान देने के लिए तैयार रहना चाहिए. उन्होंने मुसलमानों से अपील की है कि वह अल-अक्सा मस्जिद की सुरक्षा के लिए और फिलिस्तीन में यरुशलम  की स्थिति के लिए दुआ करें.

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