पूर्व विदेशमंत्री और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कश्मीर समस्या को लेकर कहा कि जम्मू-कश्मीर के बिना भारत की अवधारणा अधूरी है.

‘कश्मीर क्यों जल रहा है?’ विषय पर अपने विचार रखते हुए खुर्शीद ने कहा कि जब कभी मुझे पाकिस्तानी वार्ताकारों के साथ बातचीत का मौका मिला, मैंने उनसे कहा कि आपके पाकिस्तान की अवधारणा पूरी हो अधूरी, उससे हमें कोई मतलब नहीं है. किन हमारे भारत की अवधारणा अधूरी रहेगी.

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उन्होंने जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत और उनका हल करने पर जोर देते हुए कहा कि ‘भारत कोई एक भूखंड कम और एक संकल्पना ज्यादा है. इस संकल्पना में जम्मू-कश्मीर अनिवार्य रूप से शामिल है. जम्मू-कश्मीर के बिना भारत का मतलब यह है कि हमें भारत को किसी स्वरूप में फिर से परिभाषित करना होगा. परंतु अगर कश्मीर अलग कर दिया जाए तो भारत की संकल्पना अधूरी होगी.’’

साथ ही उन्होंने कहा कि देश 1947 के बाद एक और विभाजन का नुकसान नहीं उठा सकता है. हम एक और विभाजन से नहीं गुजर सकते. खुर्शीद ने कहा कि एक देश के रूप में भारत एक भौतिक इकाई बल्कि एक अवधारणा है जिसमें कई भाषाएं और संस्कृति शामिल हैं.

रॉ के पूर्व प्रमुख एसएस दुलत ने खुर्शीद से सहमति जताई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण का हवाला दिया जिसमें मोदी ने कहा था कि कश्मीर समस्या का समाधान गाली और गोली से नहीं, बल्कि वहां के लोगों को गले लगाने से होगा.

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