स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी केंद्र और महाराष्ट्र की सत्ता में बीजेपी की अहम सहयोगी शिवसेना ने मोदी सरकार को निशाने पर लिया.

शिवसेना ने मुखपत्र सामना में लिखा कि  स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस अब पिकनिक डे बन गए हैं. 1947 तक देशवासियों के सामने गुलामी को हटाने की चुनौती थी. लेकिन आज 2017 में चुनौती उसी स्वतंत्रता को संभालने की है.

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शिवसेन ने सवाल उठाते हुए कहा देश को स्वतंत्रता का क्या और कितना लाभ हुआ, आम जनता तक यह आजादी कितनी पहुंची, आम लोगों की जिंदगी से गरीबी, अज्ञान, आर्थिक और सामाजिक विषमता दूर हुयी क्या क्या अंदरूनी और बाहरी दुश्मनों का खतरा टला.

पार्टी ने कहा कि आजादी के 71वें साल में प्रवेश करने के बाद भी गोरखपुर के सरकारी अस्पताल में 70 बच्चों की बेवजह मौत हो जाती है. शिवसेना ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय त्योहार की बजाय पिकनिक डे बन गए हैं.

पार्टी ने नोटबंदी को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए दावा किया कि इस कदम से किसानों के साथ ही छोटे और बड़े कारोबारी, उद्योगपति प्रभावित हुए. पार्टी ने कहा कि नोटबंदी से न तो भ्रष्टाचार खत्म हुआ और न ही आतंकवाद सुस्त हुआ.

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