बनारस के मुसलमानों का दर्द – गाय और दाढ़ी के नाम पर बढ़ा इनटॉलरेंस, कारोबार भी हो गए तबाह

11:03 am Published by:-Hindi News

प्रधानमंत्री शुक्रवार को वाराणसी से अपना नामांकन दाखिल करेंगे। हालांकि इससे एक दिन पहले गुरुवार को उन्होने मेगा रोड शो किया। इसी बीच कुछ टीवी चैनल बनारस के मुस्लिम मतदाताओं का मूड भांपने जमीनी स्तर पर पहुंचे। मुस्लिम बहुल इलाके में स्थानीय लोगों से उन्होंने बात की तो लोगों ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में कारोबार लगभग तबाह हो गए, जबकि गाय और दाढ़ी के नाम पर इनटॉलरेंस बढ़ा है।

‘टीवी9भारतवर्ष’ की टीम जब काशी के भेलूपुरा इलाके में पहुंची। रिपोर्टर ने मोदी सरकार के पांच सालों के कार्यकाल पर मुस्लिमों से राय जाननी चाही। पूछा- क्या विकास हुआ है? एक स्थानीय बुजुर्ग बोले, ‘कोई खास काम नहीं हुए। परेशानियां बढ़ीं। कारोबार सबसे अधिक प्रभावित हुए। जीएसटी और नोटबंदी के बाद कारोबार तबाह हो गए। आजतक उन्हें फायदा न हुआ। बुनकर को नुकसान हुआ। गरीब और गरीब हुए, जबकि बीच वाले भी नुकसान हुए। खाली बड़े लोग आगे निकल गए।”

एक अन्य शख्स ने आगे बताया, “बीजेपी सरकार में तर्जुबे की कमी है। दूसरे को ताना देने से बेहतर है कि अपना काम करें। गैर-जरूरी काम किए गए। शहर की सड़कें नहीं बन पाईं, गलियों में सीवर बजबजा रहे हैं। पीने का साफ पानी नहीं है। कानून व्यवस्था नहीं है। पर एयरपोर्ट से बनारस आने के लिए आपको ऐसा लगेगा कि आप विदेश में हैं। बुनकरों के लिए कोई नई स्कीम लाते। वे कारोबारी तबका है, जो गरीबी से उठकर अपना जीवन यापन करता है।”

वहीं, दूसरे व्यक्ति ने कहा- पुराने वादे तो पूरे नहीं किए। ऐसे में दोबारा सांसद बनने में उनको दिक्कत आएगी। सड़कों में गड्ढे हैं। मॉब लिंचिंग और इनटॉलरेंस बढ़ा है। गाय, दाढ़ी, नमाज और मस्जिद के नाम पर…ये सारी समस्याएं बढ़ीं हैं।

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