रामपुर | अपने विवादित बयानों के लिए मशहूर सपा नेता और पूर्व मंत्री आजम खान ने योगी सरकार के एक फैसले पर अपने ही अंदाज में तंज कसा है. उन्होंने ताजमहल और अन्य एतिहासिक स्थलों को ‘गुलामी’ की निशानी बताते हुए कहा की अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ताजमहल को गिराने के लिए चलेंगे तो मैं भी उनके साथ चलूँगा. आजम खान ने आगे जोड़ते हुए कहा की वैसे भी योगी जी ने कहा था की मुग़ल हमारे पूर्वज नही थे.

दरअसल योगी सरकार ने हाल ही में जारी पर्यटन स्थलों की सूची से ताजमहल को हटा दिया है. आजम खान सरकार के इसी फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे. उन्होंने अपने ही अंदाज में तंज भरे लहजो में कहा की मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं और यह भी कहना चाहूंगा कि ये फैसला बहुत देर से हुआ और अधूरा निर्णय हुआ. ‘यह अच्छी पहल है और मेरे ख्याल से तो एक ज़माने में बात चली थी की ताज महल को गिराना चाहिए.

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आजम खान ने आगे कहा की अगर मुख्यमंत्री योगी ताजमहल को गिराने के लिए चलेंगे तो मैं उनके साथ चलूँगा. वैसे भी अपमान की निशाने को गिरा देना चाहिए. ताजमहल एक मकबरा है और गुलामी की निशानी है. ताजमहल के अलावा कुतुबमीनार, राष्ट्रपति भवन, संसद भवन , आगरे का किला. लाल किला सब गुलामी की निशानी है. ‘यह चीजें रहनी ही नहीं चाहिए. वैसे भी योगी जी ने कहा था की मुग़ल हमारे पूर्वज नही है.

आजम ने और तल्ख़ शब्दों में कहा की पर्यटन स्थल से हटाने की कोई जरुरत नही थी, इन्हें तो ध्वस्त कर देना चाहिए. बताते चले की योगी सरकार के पर्यटन विभाग ने विश्व पर्यटन दिवस के दिन एक पुस्तिका जारी की थी जिसमे प्रदेश के पर्यटन स्थलों की सूची जारी की गयी थी. इस पुस्तिका में ताजमहल को पर्यटन स्थल की सूची से बाहर कर दिया गया. फ़िलहाल इस मामले में राजनीती जारी है. हालाँकि सरकार ने एक प्रेस नोट जारी कर इस मामले में भी सफाई भी पेश की है.

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