देहरादून | उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार बनते ही ‘वन्देमातरम’ पर विवाद बढ़ता जा रहा है. मेरठ से शुरू हुआ यह विवाद अब उत्तराखंड में भी पहुँच चूका है. यहाँ के उच्च शिक्षा मंत्री ने एक कार्यक्रम में बयान दिया था की अगर उत्तराखंड में रहना है तो वन्देमातरम कहना होगा. कुछ इसी तरह के बयान मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर के मेयर और बीजेपी पार्षदों ने भी दिए थे.

उच्च शिक्षा मंत्री के बयान पर कांग्रेस की और से कड़ी प्रतिक्रिया आई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने बीजेपी को ललकारते हुए कहा की वन्देमातरम उनकी बपौती नही है. मैं वन्देमातरम नही बोलूँगा, अगर उनमें दम है तो मुझे प्रदेश से बाहर निकालकर दिखाए. किशोर उपाध्याय के बयान पर बीजेपी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा की प्रदेश में कांग्रेस की बड़ी हार से उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है.

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यहाँ कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बात करते हुए किशोर उपाध्याय ने उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के वन्देमातरम वाले बयान की निंदा की. उन्होंने कहा की आजादी के पहले से वन्देमातरम गाया जा रहा है. कांग्रेस के सभी अधिवेशनो की शुरुआत वन्देमातरम् से ही होती थी. इसलिए बीजेपी इसे अपनी बपौती न समझे. मैं समझता हूँ की बीजेपी हिंदुत्व का इस्तेमाल वोटो की खेती के लिए कर रही है.

किशोर ने आगे कहा की उनके एक मंत्री वन्देमातरम पर बयान देते है और मुख्यमंत्री उसका समर्थन करते है. कही ऐसी स्थिति न आ जाए की मुझे कहना पड़े की मैं वन्देमातरम् नही बोलूँगा. उस स्थिति में मैं बीजेपी को चुनौती देता हूँ की बीजेपी मुझे प्रदेश से बाहर निकालकर दिखाए. इस दौरान किशोर ने चुनाव आयोग से प्रदेश में विधानसभ चुनावो के दौरान इस्तेमाल हुई ईवीएम् मशीनो की जांच की भी मांग की.

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