नई दिल्ली: मध्य प्रदेश की भोपाल सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने शनिवार को कहा कि हिंदुत्व शब्द मेरी डिक्शनरी में है ही नहीं। दरअसल, उनसे सवाल किया गया था कि क्या उन्हें लगता है कि हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनाव में ध्रुवीकरण होगा? इस पर उन्होंने कहा, ‘आप लोग हिंदुत्व शब्द का उपयोग क्यों करते हैं?’

दिग्विजय शनिवार को नामांकन पर्चा दाखिल करने के बाद पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं से मुखातिब हुए। उनसे जब साध्वी प्रज्ञा को उम्मीदवार बनाए जाने और हिंदुत्व को लेकर चल रहे बयानों का जिक्र किया गया तो उन्होंने कहा, “आप लोग हिंदुत्व शब्द का उपयोग क्यों करते हैं? हिंदुत्व शब्द मेरी डिक्शनरी में है ही नहीं।”

सिंह ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने गृह सचिव के तौर पर हिंदू आतंकवाद (हिंदू टेरर) शब्द का उपयोग कर बयान दिया हो, उस व्यक्ति को भाजपा ने लोकसभा का टिकट दिया और उसे केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री बनाया, उसके बारे में भाजपा कुछ कहेगी क्या।

इसके अलावा उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैं हिंदू धर्म को मानता हूं, जो हजारों सालों से दुनिया को जीने की राह सिखाता आया है। मैं अपने धर्म को हिंदुत्व के हवाले कभी नहीं करूंगा, जो केवल और केवल राजनीतिक सत्ता पाने के लिए संघ का षडयंत्र है। मुझे अपने सनातन हिंदू धर्म पर गर्व है जो वसुदैव कुटुम्बकम की बात कहता है। संघ का हिंदुत्व जोड़ता नहीं, तोड़ता है। अपने धर्म का राजनैतिक अपहरण मैं कभी नहीं होने दूंगा। हमारे लिए हिंदू धर्म आस्था का विषय है, भगवान से हमारा निजी रिश्ता है।’

उन्होंने कहा कि मेरा हिंदू धर्म मेरी आस्था है। इसीलिए मैंने अपनी नर्मदा परिक्रमा का प्रचार नहीं किया, राघोगढ़ मंदिर की परम्पराओं का कभी प्रचार नहीं किया, दशकों गोवर्धन परिक्रमा और पंढरपुर दर्शन का प्रचार नहीं किया। भाजपा के लोग कब से मेरे और ईश्वर के बीच आ गए ,सर्टिफिकेट देने वाले एजेंट बन गए?

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