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भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद अटल की भतीजी करुणा शुक्ला ने कहा कि वह बीजेपी की ओर से अटल की मृत्यु पर की जा रही राजनीति से बहुत व्यथित हैं।

शुक्ला ने कहा कि 4 राज्यों में होने वाले चुनाव के मद्देनजर ही भाजपा को वाजपेयी के नाम को भुनाने का ध्यान आया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से वाजपेयी को भाजपा ने परिदृश्य से पूरी तरह से गायब कर दिया था। इन 10 वर्षों में जिन राज्यों में चुनाव हुए वहां भी वाजपेयी का नाम लेना तो दूर किसी पोस्टर या बैनर में उनकी तस्वीर तक नहीं लगाई गई।

उन्होंने कहा कि अब 4 राज्यों में भाजपा की नैया डूबती हुई नजर आ रही है तो अचानक भाजपा को वाजपेयी डूबते को तिनके के सहारे की तरह दिख रहे हैं।

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शुक्ला का यह भी कहना है कि अटल बिहारी वाजपेयी के जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी तक कितने आत्मीय संबंध रहे हैं, यह इतिहास में दर्ज है, लेकिन भाजपा मानवीय संबंधों का सम्मान करना भूल चुकी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण लालकृष्ण आडवाणी जैसे वरिष्ठ नेता का पार्टी में हो रहा अपमान है।

करुणा ने कहा, ‘पांच किलोमीटर नरेंद्र मोदी और अमित शाह जी अटलजी की शवयात्रा के साथ पैदल चले। मेरा उनसे आग्रह है कि उनके आदर्शों पर दो कदम तो चलें। जनता उनके इस चेहरे को बखूबी जानती है और आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की जनता वोट के माध्यम से उनको जवाब देगी।’

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