अमृतसर | मोदी सरकार के नोट बंदी के फैसले से लोगो में भारी नाराजगी है. खासकर किसान , व्यापारी और मजदूर वर्ग इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. बीजेपी को अंदेशा है की आने वाले चुनावो में नोट बंदी एक बड़ा मुद्दा बन सकती है और इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ सकता है. इसकी भनक बीजेपी के उम्मीदवारों को भी है. इसलिए वो नोट बंदी के फैसले से अपने आप को अलग करते हुए दिख रहे है.

पंजाब में बीजेपी और अकाली गठबंधन मिलकर चुनाव लड़ रहे है. अमृतसर नार्थ से बीजेपी के उम्मीदवार अनिल जोशी मैदान में है. अनिल जोशी वर्तमान सरकार में निकाय मंत्री भी है. चुनाव प्रचार के दौरान अनिल जोशी ने नोट बंदी के फैसले के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा की यह मेरा फैसला नही है इसलिए इसकी सजा मुझे न दे.

अमृतसर के मेडिकल एन्क्लेव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अनिल जोशी ने कहा की नोट बंदी की वजह से काफी लोग गुस्सा है. अब मेरा कार्यकाल खत्म हो गया है इसलिए आप लोग बाहर जाइए और लोगो को समझाइये की इस फैसले के लिए अनिल जोशी जिम्मेदार नही है. इसलिए इसकी सजा मुझे न दे. मैं लोगो के अधिकार के लिए सरकार और सिस्टम से हमेशा लड़ते आया हूँ और आगे भी लड़ता आऊंगा.

अनिल जोशी ने अपनी उपलब्धिया गिनाते हुए कहा की मैंने यहाँ नई सड़कें, पुनर्निर्मित पार्क, फुटपाथ, फाउंटेन, साइकिल ट्रैक, सीवेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइटिंग, नालियों को बेहतर तरीके से बनाने जैसे काम किये है. अनिल जोशी अपने प्रचार में मुख्यमंत्री बादल की तस्वीर तक इस्तेमाल नही कर रहे है और खुद को विकास पुरुष के रुप में दर्शा रहे है. अनिल जोशी खुद सरकार में मंत्री है लेकिन अकाली दल के साथ उनका मनमुटाव चलता रहता है.


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