2015 में उस्मानिया विश्वविद्यालय की संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) द्वारा बीफ फेस्टिवल के आयोजन के दौरान विवादास्पद टिप्पणी करने के मामले में भाजपा के गोशालाम विधायक टी राजा सिंह को दोषी करार देते हुए नामपल्ली कोर्ट ने एक साल के कारावास की सज़ा सुनाई है।

नामपल्ली कोर्ट ने शुक्रवार को राजा सिंह को एक साल के लिए जेल सी सजा सुनाते हुए अपना फैसला दिया। हालांकि बाद में राजा सिंह को जमानत भी मंजूर की।

राजा सिंह के खिलाफ बोलोरम पुलिस ने आईपीसी की धारा 353 (सार्वजनिक कर्तव्य को अपने कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया था।

बाद में 2019 में, पुलिस द्वारा  विशेष सत्र न्यायाधीश सांसदों/विधायकों के खिलाफ मामलों की सुनवाई के लिए एक आरोप पत्र दायर किया गया था।

शुक्रवार को भाजपा विधायक को दोषी ठहराया गया और उन्हें एक साल के कारावास की सजा सुनाई और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

राजा सिंह ने नामपल्ली अदालत के फैसले के खिलाफ जमानत याचिका दायर की है। जज ने उन्हे जमानत दे दी। राजा सिंह ने कहा कि वह फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।