बंगाल में हिन्दू, सिख, बौद्ध और ईसाइयों को डरने की जरूरत नहीं: अमित शाह

पश्चिम बंगाल में चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि नागरिकता विधेयक पारित होने पर सभी बंगाली हिन्दू शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी। उन्होने कहा कि बंगाल में हिंदुओं, सिखों, बौद्धों और ईसाइयों को डरने की जरूरत नहीं है।

शाह ने कहा कि बंगाल में रह रहे बांग्लादेश से आए एक-एक हिंदू, सिख शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दी जाएगी और बाकी सबको यहां से भगाया जाएगा, हमने नागरिकता विधेयक पारित किया है। उन्होंने कहा, ‘मैं यकीन दिलाना चाहता हूं कि सभी बंगाली शरणार्थियों को नागरिकता विधेयक के तहत नागरिकता दी जाएगी। तृणमूल कांग्रेस सरकार ने शरणार्थियों के लिए कुछ नहीं किया, लेकिन हम उन्हें नागरिकता देंगे।’

अमित शाह ने ममता की विपक्षी रैली पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष का गठबंधन सेल्फी गठबंधन है। उन्होंने कहा, ‘गठबंधन से जुड़े लोग सिर्फ मोदी को हटाना चाहते हैं। हम चाहते हैं गरीबी हटे, वो चाहते हैं मोदी हटे। हम चाहते हैं भ्रष्टाचार हटे वो चाहते हैं मोदी हटे। हम चाहते हैं देश से रोग और बीमारी हट जाएं वो चाहते हैं मोदी हट जाए। जिस गठबंधन की रैली में भारत माता की जय का जयकारा ना लगता हो, वन्दे मातरम के नारे नहीं लगते हो, वो देश का क्या भला करेंगे?’

उन्होंने कहा, ‘ममता दीदी ने यूपीए के लोगों को बडे़ प्यार से बुलाया था। यूपीए ने अपने आखिरी साल में बंगाल को 5 साल में 1 लाख 32 हजार करोड़ रुपये दिए जबकि नरेंद्र मोदी ने 3 लाख 95 हजार 406 करोड़ दिए। ढाई गुना पैसा ज्यादा हमने दिया है लेकिन ममता दीदी को पैसा कम पड़ जाता है। आधा आपके लोग खा जाते हैं, आधा घुसपैठिए जो घुसे हैं, वे खा जाते हैं। बंगाल की जनता को कुछ नहीं मिल पाता।’ अमित शाह ने हेलिकॉप्टर विवाद पर कहा, ‘प्रशासन का भी राजनीतिकरण कर दिया गया है। मेरे हेलिकॉप्टर लैंडिंग को इजाजत नहीं दी जा रही थी।’

उन्होंंने आगे कहा, ‘एक बार बीजेपी की सरकार को मौका दीजिए, एक भी घुसपैठिया बंगाल के अंदर घुस नहीं सकता। घुसपैठिया छोड़िए, विदेशी परिंदे को भी पैर नहीं मारने देंगे। ममता दीदी को घुसपैठिए बहुत प्यारे लगते हैं।’ अमित शाह ने पश्चिम बंगाल सरकार के नागरिकता संशोधन बिल का विरोध करने पर हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘जो बांग्लादेशी हिंदू शरणार्थी हैं वे जवाब चाहते हैं कि आप (ममता) सिटिजनशिप बिल का समर्थन करोगे या नहीं और मुझे उम्मीद है कि वह नहीं करेंगी।’ अमित शाह ने कहा कि सिटिजनशिप का मामला इस बार चुनाव का मुद्दा बनने वाला है।

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