अप्रैल-मई में होने वाले विधान सभा चुनावों से पहले ही असम में विवादित बयानो का दौर शुरू हो गया है। असम सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता हेमंत बिस्वा शर्मा ने कहा है कि ‘मियां मुस्लिम’ हमें वोट नहीं देते।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, ‘मिया मुस्लिम हमें (बीजेपी) वोट नहीं देते हैं (Miya Muslims dont vote for BJP) , मैं यह अनुभव के आधार पर कह रहा हूं, उन्होंने हमें पंचायत और 2014 के लोकसभा चुनाव में वोट नहीं दिया था। बीजेपी को उन सीटों पर वोट नहीं मिलेगा, जो उनके (मिया मुस्लिम) हाथों में हैं, जबकि अन्य सीटें हमारी हैं।’

बिस्वा ने आगे कहा कि हालांकि हम उन सीटों पर अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारेंगे, ताकि ‘मिया मुस्लिम’ के साथ अपनी पहचान न रखने वाले लोगों को कमल (भाजपा का प्रतीक) या हाथी (असोम गण परिषद का प्रतीक) के लिए वोट करने का विकल्प मिल सके।

इससे पहले भी हिमंत बिस्वा शर्मा कई विवादित बयान दे चुके हैं। इससे पहले सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने हिंदू समुदाय का व्यक्ति ‘जिन्ना नहीं हो सकता, क्योंकि वह कभी किसी पर हमला नहीं करता’ और वह धर्मनिरपेक्ष होता है। सरमा ने हिंदू बंगालियों को नागरिकता देने का भी समर्थन किया था।

इसके अलावा असम में सरकारी मदरसे बंद करवाने में उनकी बड़ी भूमिका रही। उनका कहना था कि उनकी सरकार धार्मिक आधार पर दी जाने वाली शिक्षा के लिए सरकारी फंड्स नहीं खर्च करेगी। बता दें कि असम सरकार 614 मदरसों का संचालन करती थी। शर्मा का यह भी कहना है कि व‍ह प्राइवेट मदरसों में भी मार्डन शिक्षा व्‍यवस्‍था लागू करेंगे।