Wednesday, June 16, 2021

 

 

 

राहुल ने बजट को बताया शेरो शायरी का बजट, कहा – सोचा था होगी आतिशबाजी, निकला ‘फुस्सी बम’

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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आम बजट 2017 को शेरो शायरी का बजट बताया हैं. इसी के साथ उन्होंने कहा कि सोचा था आतिशबाजी होगी, लेकिन निकला बुझा हुआ ‘फुस्सी बम’.

कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हम कुछ बड़ी आतिशबाजी की उम्‍मीद कर रहे थे लेकिन ये तो बुझा बारूद निकला. जेटली जी ने शेरो-शायरी कर इतना कुछ कहा, लेकिन कुछ नहीं मिला. बजट में युवाओं को नौकरी को लेकर कुछ नहीं कहा, किसानों का कर्ज माफ करने की जरूरत थी. मुख्‍य मुद्दों पर कोई गहरी चीज नहीं बोली.

राहुल ने सवाल उठाते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री की ‘बुलेट ट्रेन’ कहां है? क्या वह शुरू हुई? रेलवे की बुनियादी समस्या सुरक्षा की है और इस सरकार का इस मामले में सबसे खराब रिकॉर्ड है. लेकिन क्या उन्होंने सुरक्षा को लेकर कुछ कहा?’ उन्होंने आगे कहा, मोदी ने दो करोड़ नौकरियां सृजित करने का वादा किया था, लेकिन पिछले साल केवल 1.5 करोड़ नौकरियों का सृजन किया गया. यह शर्मनाक है.

उन्होंने कहा, किसान रो रहे हैं, उन्हें अपने ऋणों पर रियायत की जरूरत है. यह सरकार किसान हितैषी होने का दावा और बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन उसने उनके लिए कुछ नहीं किया.’ राहुल ने कहा, “नोटबंदी के बाद जो झटका सरकार ने गरीबों, किसानों, व्यापारियों को दिया बजट में उनके लिए कुछ नही किया”

हालांकि राहुल ने  राजनीतिक पार्टियों को दिए जाने वाली चंदे को 20,000 से घटाकर 2,000 करने की घोषणा का स्वागत किया. उन्होंने कहा, ‘यह एक अच्छा कदम है। राजनीतिक वित्त पोषण में पारदर्शिता लाने वाले किसी भी कदम का हम समर्थन करेंगे.’

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