नई दिल्ली | बुधवार को संसद के बजट सेशन का आखिरी दिन था. लेकिन राज्यसभा में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मोदी सरकार पर उन्ही के अस्त्र से हमला किया. दिग्विजय सिंह ने मोदी सरकार से सवाल किया की क्या आपके पास सीता के जन्म और उनके भगवान् राम के साथ स्वयंवर से जुड़े सबूत है? इन सवालों के साथ दिग्विजय ने केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा से उनके एक बयान पर माफ़ी की मांग की.

दरअसल बुधवार को राज्यसभा में बीजेपी सांसद प्रभात झा ने सीता के जन्मस्थान सीतामढ़ी के सम्बन्ध में सवाल किया था. इसके बाद सदन में सीता के जन्मस्थान को लेकर चर्चा शुरू हो गयी. केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा ने इस पर जवाब देते हुए कहा की सरकार के प्रोजेक्ट ‘रामायण सर्किट’ में शामिल किया गया सीता का जन्मस्थान (सीतामढ़ी) आस्था का मामला है. इस पर सवाल नही उठाया जा सकता.

इस दौरान महेश शर्मा ने कहा की वाल्मीकि की रामायण के मुताबिक सीता मिथिला के राजा जनक की पुत्री थी. हालाँकि सरकार ने रामायण सर्किट में सीतामढ़ी को शामिल किया गया है. लेकिन इसके कोई पुख्ता प्रमाण नही है की सीता का जन्म सीतामढ़ी में हुआ था. मंत्री के इस जवाब पर विपक्ष ने खूब हंगामा किया. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा की श्री राम मेरे भगवान् है और मंत्री के जवाब से मेरी आस्था को धक्का लगा है.

दिग्विजय सिंह ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा की आप कहते है की सीता का जन्मस्थान आस्था का मामला है. पुरातत्व विभाग के पास भी इसके कोई सबूत नही है की सीतामढ़ी में सीता का जन्म हुआ था. मैं आपसे पूछना चाहता हूँ की क्या सरकार के पास माता सीता और भगवान श्रीराम के स्वयंवर का सबूत है? उन्हें इसके लिए माफ़ी मांगनी चाहिए. रामसेतु पर कांग्रेस सरकार के जवाब पर बीजेपी ने ही काफी हंगामा किया था.

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