बिहार विधानसभा चुनाव का नतीजा आ गया है और एनडीए की जीत हुई है तो महागठबंधन भी बहुमत से सिर्फ 12 सीटें दूर है। ऐसे में महागठबंधन भी सरकार बनाने की कोशिश में है। इसके लिए वह असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के साथ जीतन राम मांझी की हम और मुकेश सहनी की वीआईपी का समर्थन चाहती है।

हालांकि महागठबंधन की इस कवायद पर कांग्रेस पानी फेरने की कोशिश में है। कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद तारिक अनवर का इस बड़ा में बयान आया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि बिहार में AIMIM का उभार शुभ संकेत नहीं है और महागठबंधन को कतई उनका समर्थन नहीं लेना चाहिए।

तारिक अनवर ने ट्वीट कर कहा, हमें सच को स्वीकार करना चाहिए। कांग्रेस के कमज़ोर प्रदर्शन के कारण महागठबंधन की सरकार से बिहार महरूम रह गया। कांग्रेस को इस विषय पर आत्म चिंतन ज़रूर करना चाहिए कि उस से कहां चूक हुई ? MIM की बिहार में एंट्री शुभ संकेत नहीं है।

बिहार में सरकार बनाने से वंचित रहने पर तारिक अनवर ने कहा कि महागठबंधन की सरकार कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के कारण नहीं बन पाई है। उन्होंने कहा, बिहार चुनाव : भले ही भाजपा गठबंधन येन केन प्रकारेण चुनाव जीत गया, परन्तु सही में देखा जाए तो ‘बिहार’ चुनाव हार गया। क्योंकि इस बार बिहार परिवर्तन चाहता था। 15 वर्षों की निकम्मी सरकार से छुटकारा-बद हाली से निजात चाहता था।’

उन्होने ये भी कहा कि बिहार में कांग्रेस की हार का सबसे बड़ा कारण उम्मीदवारों के चयन में हुई गलतियां हैं। पूर्व सांसद ने कहा कि प्रचार और कमान संभालने में चूक भी हार की बड़ी वजह है, यही कारण है कि पार्टी में फिलहाल बड़े बदलाव की जरूरत है। तारिक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वो आलाकमान के सामने पार्टी के अंदर हो रही सारी चीजों को रखेंगे।

बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी ने इस चुनाव में 20 सीटों पर AIMIM के उम्मीदवार उतारे जिनमें से 5 सीटों- कोचाधामन, बहादुरगंज, जोकीहाट, अमौर और बायसी पर उनके प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है।

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