बिहार चुनाव में महागठबंधन को ले डूबी कांग्रेस में अब अंतर्कलह शुरू हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने रविवार को साफ तौर पर नेतृत्व को निशाना बनाते हुए कहा कि फाइव स्टार होटलों में बैठकर चुनाव नहीं लड़ सकते।

आजाद ने रविवार को कहा है कि पिछले 72 सालों में कांग्रेस सबसे निचले पायदान पर है। यहां तक कि कांग्रेस के पिछले दो कार्यकाल के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद भी नहीं है। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस ने लद्दाख में हिल काउंसिल चुनाव में 9 सीटें जीतीं, जबकि हम इस तरह के सकारात्मक परिणाम की उम्मीद नहीं कर रहे थे।

न्यूज एजेंसी एएनआई से चर्चा करते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जब तक हम हर स्तर पर अपने कामकाज के तरीकों को नहीं बदलेंगे, चीजें नहीं बदलेंगी। नेतृत्व को पार्टी कार्यकर्ताओं को एक प्रोग्राम देने और पदों के लिए चुनाव कराने की आवश्यकता है।

उन्होंने आगे कहा कि हमारे लोगों का ब्लॉक स्तर पर, जिला स्तर पर लोगों के साथ कनेक्शन टूट गया है। जब कोई पदाधिकारी हमारी पार्टी में बनता है तो वो लेटर पैड छाप देता है, विजिटिंग कार्ड बना देता है, वो समझता है बस मेरा काम ख़त्म हो गया, काम तो उस समय से शुरू होना चाहिए।

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमारी पार्टी का ढांचा ढह गया है। हमें अपनी संरचना के पुनर्निर्माण की आवश्यकता है और फिर यदि कोई नेता उस संरचना में चुना जाता है तो यह काम करेगा। लेकिन सिर्फ यह कह देना की नेता बदलने से हम बिहार जीत लेंगे, यूपी, एमपी आदि गलत है। जब हम सिस्टम को बदलेंगे तब ऐसा होगा।

इससे पहले कपिल सिब्बल ने कहा था कि जनता कांग्रेस को मजबूत विकल्प के तौर पर नहीं मान रही है। कांग्रेस ने न केवल बिहार चुनाव बल्कि देश के अन्य राज्यों में हुए विधानसभा उपचुनाव को भी पार्टी ने गंभीरता से नहीं लिया।

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