कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को पार्टी संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए गुलाम नबी आजाद समेत चार वरिष्ठ नेताओं को महासचिव पद से हटा दिया है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, आजाद, मोतीलाल वोरा, अंबिका सोनी और मल्लिकार्जुन खड़गे को महासचिव पद से मुक्त किया गया है।

बताया जा रहा है कि गुलाम नबी आज़ाद कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य बने रहेंगे। जो कि पार्टी के शीर्ष निर्णय लेने वाला पैनल है। रणदीप सुरजेवाला और तारिक अनवर को पार्टी का नया महासचिव भी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा पार्टी ने एक विशेष समिति का गठन भी किया है। इसमें छह सदस्य हैं।

यह समिति पार्टी के संगठन और कामकाज से जुड़े मामलों में सोनिया गांधी का सहयोग करेगी। समिति में एके एंटनी, अहमद पटेल, अंबिका सोनी, केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक और रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल हैं। सोनिया गांधी ने पार्टी मामलों में अपनी मदद के लिए विशेष समिति गठित की जिसमें ए के एंटनी, अहमद पटेल और अंबिका सोनी शामिल हैं।

बीते दिनों पार्टी के 23 वरिष्ठ सदस्यों ने बागी तेवर दिखते हुए कांग्रेस की आंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी के आंतरिक चुनाव करवाने और पूर्णकालिक पारदर्शी नेतृत्व की मांग की थी। आज हुए बदलावों में मुकुल वासनिक जो कि 23 पत्र-लेखकों में से एक थे, उन्हें कांग्रेस ने मध्य प्रदेश का प्रभारी महासचिव बनाया है।

राज्य के प्रभारियों की बात करें तो मुकुल वासनिक के अलावा हरीश रावत को पंजाब, ओमान चंडी को आंध्र प्रदेश, तारिक अनवर को केरल और लक्षद्वीप, प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश, रणदीप सिंह सुरजेवाला को कर्नाटक, जितेंद्र सिंह को असम, अजय माकन को राजस्थान और केसी वेणुगोपाल को संगठन की जिम्मेदारी दी गई है।

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