राजस्थान में विधानसभा सत्र के दौरान आज अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार ने बहुमत साबित कर द‍िया है। सदन ने सरकार द्वारा लाए गए विश्वास मत प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी ने सदन द्वारा मंत्रिपरिषद में विश्वास व्यक्त करने का प्रस्ताव स्वीकार किए जाने की घोषणा की।

संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने विश्‍वास प्रस्ताव पेश किया किया। प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत करते हुए धारीवाल ने कहा कि केंद्र की सरकार के इशारों पर मध्य प्रदेश व गोवा में चुनी हुई सरकारों को गिराया गया है। धारीवाल ने कहा कि धन बल व सत्ता बल से सरकारें गिराने की यह साजिश राजस्थान में कामयाब नहीं हो पाई। उन्होंने कहा, हमने यहां मध्य प्रदेश या गोवा की तरह नहीं होने दिया। जिस तरह से महाराणा प्रताप ने हराया था उसी तरह से अशोक गहलोत ने भी हराया। गहलोत ने छठी का दूध याद दिला दिया है।

वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना की लड़ाई में हमारे राज्य की तारीफ कर रहे हैं। लेकिन सदन में बीजेपी के नेता उसकी आलोचना कर रहे हैं। बीजेपी ने राज्य की सरकार गिराने की कोशिश की। गहलोत ने कहा कि जिन मंत्री का नाम था वो ऑडियो टेप में आ गया, लेकिन आप सफल नहीं हो पाए।

उन्होने कहा, आपके हाईकमान का आदेश था, इसलिए सरकार गिराने की कोशिश की. ये सच पूरा देश जानता है, आपने अरुणाचल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश में क्या किया पूरा देश जानता है। इस देश में सिर्फ दो लोग ही राज कर रहे हैं, दिल्ली में किसी मंत्री को कोई पूछ नहीं रहा है। गहलोत ने कहा कि कई नेता छुपकर दिल्ली गए और सीएम बनाने की रेस शुरू कर दी।

सीएम ने कहा कि अमित शाह के सपने में भी सरकारें आ रही हैं, लेकिन मैं सरकार गिरने नहीं दूंगा। आपके लोगों ने आजादी की लड़ाई में कुछ नहीं किया, इंदिरा गांधी भी चुनाव हार गई थीं। जिस दिन जनता का मूड हुआ, दिल्ली में क्या होगा पता भी नहीं चलेगा।

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