बुलंदशहर में हुई हिंसा पर नेशनल कांफ्रेस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने सवाल खड़े किए है। उन्होने इस पूरी घटना को प्रायोजित करार देते हुए त्रासदी बताया। उन्होने कहा कि पुलिस अधिकारी सुबोध कुमार को प्लानिंग के तहत टार्गेट किया गया।

अब्दुल्ला ने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक बड़ी त्रासदी है जहां पुलिस अधिकारी को भीड़ द्वारा टारगेट किया गया है, पूरा मामला एक योजना के तहत हुआ ताकि उसे टारगेट किया जाए। क्योंकि वह लोगों के अच्छे के लिए काम कर रहा था। इसी बीच बुलंदशहर हिंसा के मामले में फरार मुख्य आरोपी योगेश राज ने अपना एक वीडियो जारी किया है। योगेश ने इस वीडियो में खुद को बेकसूर बताया है।

आरोपी योगेश ने अपने इस वीडियो में कहा, ‘जैसा कि आप बुलंदशहर स्याना में गोकशी प्रकरण को आप देख रहे होंगे। प्रकरण में पुलिस मुझे ऐसे पेश कर रही है जैसे मेरी बहुत बड़ा आपराधिक प्रवृति की रही हो। आप सब लोगों को यह बताना चाहता हूं कि उस दिन दो घटना हुई पहली स्याना के नजदीक गांव में हुई गोकशी की जिसकी सूचना देने के लिए हम स्याना थाने में अपना मुकदमा लिखाने गए और वहां बैठे ही थे कि हमें पता चला कि उक्त स्थल पर ग्रामीणों ने पथराव किया है जिसमें गोलीबारी हुई और इसमें एक युवक तथा एक पुलिसकर्मी को गोली लगी। दूसरी घटना से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।’

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बता दें कि पुलिस ने इस मामले में 87 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिनमें से 27 नामजद हैं और 60 अज्ञात। कुछ आरोपी बजरंग दल, भाजपा और विहिप जैसे संगठनों से जुड़े हैं। मुख्य आरोपी बजरंग दल का जिला संयोजक योगेश राज है। स्याना में भाजपा यूथ विंग का अध्यक्ष शिखर अग्रवाल और विहिप कार्यकर्ता उपेंद्र राघव भी नामजद हैं। यह सभी फरार हैं।

एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने बताया कि बुलंदशहर हिंसा के मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिंसा की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।

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