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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से निष्कासित नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दिकी गुरुवार को कांग्रेस में शामिल हो गये. ध्यान रहे नसीमुद्दीन को जब पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया था, तब वह पार्टी में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी थे.

बसपा के 101 नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने अपने राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा का कांग्रेस में विलय कर दिया. यूपी कांग्रेस के प्रभारी गुलाम नबी आजाद और अध्यक्ष राजबब्बर ने तीन चरणों में 101 छोटे बड़े नेताओं को कांग्रेस में शामिल करने की औपचारिकताएं पूरी कीं.

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सिद्दीकी ने इस मौके पर कहा, “मैं आभार व्यक्त करता हूं कि मुझे देश की सबसे बड़ी पार्टी में जगह मिली है, जिसने देश को आजाद कराने में अहम किरदार निभाया था.” नसीमुद्दीन ने अपनी गलती पर कहा कि लंबा समय उन्होंने बसपा में बिताया है. ऐसे में इसे सुधारने में 34 मिनट तो लगेंगे. कांग्रेस में आने के बाद वह राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा का कांग्रेस में विलय कर रहे हैं.

बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ बड़ी संख्या में नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मायावती के नाराज होने का कोई कारण नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने हमारे वर्तमान विधायक को तोड़ लिया था, तब भी हम नाराज नहीं हुए. इसके बावजूद हम चुनाव में गठबंधन को लेकर मायावती जी से मिले थे. जो लोग शामिल हुए हैं, उनमें से कुछ को बसपा से निकाला जा चुका है और कुछ उनके निकाले जाने के कारण पार्टी छोड़ आए हैं.

आजाद ने भविष्य में विपक्षी एकता की मजबूती और बड़े उद्देश्य को लेकर होने वाले समझौते से इनकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि हम तो 27 साल यूपी बेहाल का नारा लेकर चुनाव में उतरे थे लेकिन रणक्षेत्र में ही सपा से समझौता हो गया.

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