साल 2009 में कश्मीर के सिविल सेवा परीक्षा टॉपर आईएएस अधिकारी शाह फ़ैसल ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उनके इस फैसले के साथ ही सियासी घमासान शुरू हो चुका है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने गुरुवार को इस मुद्दे पर मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि शाह फैसल का इस्तीफा देना भाजपा सरकार के लिए कलंक है।

उन्होने ट्वीट किया कि ‘अफ़सोस, लेकिन मैं श्री @shahfaesal IAS (अब इस्तीफ़ा दे चुके) को सलाम करता हूं। उनके बयान का हर शब्द सही है और भाजपा सरकार पर कलंक है। दुनिया उनके आक्रोश, पीड़ा और चुनौती को याद रखेगी।’

Loading...

उन्होने आगे लिखा, ‘ज्यादा समय पहले की बात नहीं है जब प्रसिद्ध पुलिस अधिकारी श्री रिबेरो ने इसी तरह की बात कही थी, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों के मुंह से आश्वासन का एक शब्द भी नहीं निकला। हमारे साथी नागरिकों के इस तरह के बयानों से हमें अपना सिर शर्म और पछतावे में झुका लेना चाहिए।’

वहीं दूसरी और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि फैसल का इस्तीफा मजबूत इरादों में कमी का संकेत है। उन्होंने कहा कि अगर आपके अंदर भरोसा है तो आपको आतंकी गतिविधियों की निंदा के लिए तैयार रहना चाहिए। ऐसा नहीं हो सकता कि आतंकवादी हमलों से आपको सिक्यॉरिटी फोर्सेज की सुरक्षा भी मिले और साथ ही साथ आप में आतंकी को आतंकी कहने का साहस भी न हो। 

जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि लोग भारत को एक सॉफ्ट टारगेट पाते हैं, जो सहिष्णु है और आपको अभिव्यक्ति की भी आजादी देता है। बता दें कि आईएएस शाह फैसल ने बुधवार को यह कहते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया कि कश्मीर में हो रही मौतों के विरोध में भारत सरकार की ईमानदार कोशिशों में कमी नजर आती है। उन्होंने आरोप लगाया था कि करीब 20 करोड़ भारतीय मुस्लिम हिंदूवादी ताकतों के हाथों गायब हो गए, हाशिए पर पहुंच गए और सेकंड क्लास नागरिक बनकर रह गए।

शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें