जम्मू कश्मीर में आगामी नगरपालिका व पंचायत चुनाव का बहिष्कार कर चुके नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा, आजादी के बाद से जितने भी चुनाव हुए हैं, उसने भारत को एकजुट करने की बजाय बांटने का काम किया है।

उन्होने कहा, ”आजादी के बाद से हर चुनाव ने भारत को एकजुट करने के बजाय बांटा है। हम मंदिर और मस्जिद के लिए लड़ते हैं, हम लोगों के लिए नहीं लड़ते हैं। हम झूठ बोलते हैं, डरते हैं कि अगर हम ईमानदार हो गए तो जीतेंगे नहीं। आपको बताना होगा कि आप एक निश्चित बिंदु से परे काम नहीं कर सकते हैं।”

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अब्दुल्ला ने कहा, ”राजनीति बुरी नहीं है, राजनेता बुरे हो सकते हैं। हम में से बहुत से लोग सेवा करने के लिए राजनीति में शामिल होते हैं और बहुत से लोग पैसा बनाने के लिए। भगवान मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारा में नहीं रहता है, वह लोगों में रहता है और अगर आप लोगों की सेवा करते हैं तो आप ईश्वर की सेवा कर रहे हैं।

अनुच्छेद 35ए को लेकर अब्दुल्ला ने कहा कि जब भी अनुच्छेद 35ए को हटाने जैसे मुद्दे उठते हैं, तब-तब राज्य के लोगों को ठेस पहुंचती है। बता दें कि बुधवार को फारूक अब्दुल्लाह ने जम्मू-कश्मीर के लिए प्रस्तावित नगरपालिका और पंचायत  चुनाव का बहिष्कार करने का किया।

श्रीनगर में फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “हमारी पार्टी नगरपालिका और पंचायत चुनाव में तब तक हिस्सा नहीं लेगी जब तक केंद्र निवासियों (जम्मू-कश्मीर) को विशेषाधिकार प्रदान करने वाले अनुच्छेद 35ए पर अपना रुख स्पष्ट नहीं करेगी और इसकी रक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाएगी।”

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