संदेसरा बंधुओं से संबंधित कथित बैंक धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के करीबी नेता माने जाने वाले अहमद पटेल के घर पांच दिन के अंदर तीसरी बार पूछताछ करने पहुंची है। इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल से उनके आवास पर दूसरे दौर की पूछताछ की थी।

अधिकारियों के अनुसार मध्य दिल्ली के लुटियंस जोन में 23, मदर टेरेसा क्रीसेंट स्थित पटेल के आवास पर दोपहर को ईडी की टीम पहुंची। टीम के सदस्यों को कोरोनावायरस संक्रमण से बचने के लिए मास्क एवं दस्ताने पहने और फाइलें पकड़े देखा गया। उन्होंने बताया कि पटेल का बयान धनशोधन निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया जा रहा है और संदेसरा बंधुओं के साथ उनके कथित संबंधों के बारे में भी पूछताछ की गई।

ईडी से जुड़े एक सूत्र ने बताया, “एजेंसी ने शनिवार और मंगलवार को पटेल से पूछताछ की थी, लेकिन वे जवाबों से संतुष्ट नहीं थे। इसलिए वे एक बार फिर उनका बयान दर्ज कराने के लिए उनके आवास पर आए हैं।” कांग्रेस के कोषाध्यक्ष पटेल इससे पहले संप्रग अध्यक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव रहे चुके हैं। वह कांग्रेस में सबसे अधिक प्रभावशाली व्यक्तियों में गिने जाते हैं।

ईडी के सूत्रों के अनुसार, वित्तीय जांच एजेंसी वडोदरा स्थित फार्मास्युटिकल फर्म के मालिकों और प्रमोटर्स संदेसरा बंधुओं (चेतन जयंतीलाल संदेसरा और नितिन जयंतीलाल संदेसरा) के साथ उनके संबंधों को समझना चाहती है। पिछले साल ईडी ने अहमद पटेल के बेटे फैसल पटेल से इस बारे में पूछताछ की थी। ईडी को संदेह था कि फैसल और उसके बहनोई इरफान सिद्दीकी संदेसरा भाइयों के करीबी थे।

यह धन शोधन मामला गुजरात की वड़ोदरा स्थित स्टर्लिंग बायोटेक और उसके मुख्य प्रमोटरों-नितिन जयंतीलाल संदेसरा, चेतनकुमार जयंतीलाल संदेसरा और दीप्ति संदेसरा द्वारा 14,500 करोड़ रुपए की कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़ा है। तीनों फरार हैं। नितिन और चेतनकुमार भाई हैं। एजेंसी ने आरोप लगाया कि यह पीएनबी धोखाधड़ी से भी बड़ा बैंक घोटाला है। पीएनबी बैंक धोखाधड़ी में हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी संलिप्त हैं। पीएनबी घोटाला करीब 13,400 करोड़ रुपए का है।

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