जब पूरे नहीं करते सपने तो नेताओं की पिटाई भी करती हैं जनता: गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने चुनावी वादों को लेकर खुल कर अपनी बात रख रहे है। उन्होने कहा कि ‘सपने देखना लोगों को अच्छे लगते हैं, पर दिखाए हुए सपने जब पूरे नहीं होते हैं तो उन नेताओं की लोग पिटाई भी करते हैं।’

सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री ने कहा, ‘आज मैं कोई वादा नहीं कर रहा मगर यह कामयाब रहा तो एक क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। जल परिवहन शुरू होगा। हम फ्लोटिंग जेटीस बनाएंगे। पानी साफ होगा। अच्छे घाट बनेंगे। नदी के दोनों तरफ पेड़ लगेंगे। लोग आएंगे और गंगा उन्हें अविस्मरणीय सुख देगी। यह एक सपना है।’

उन्होंने दावा करते हुए कहा, ‘लोगों को जो अब तक सपने दिखाए हैं वो पूरे हुए हैं। मगर गंगा का सपना बहुत कठिन है।’ बता दें कि गडकरी की योजना है कि एविएशन तकनीक से कुंभ मेले के दौरान प्रयागराज और वाराणसी के बीच गंगा पर तीर्थयात्रियों को लाने ले जाने के लिए फेरी बने।

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कुछ दिनों पहले भी नितिन गडकरी ने एक चैनल के कार्यक्रम में खुलकर कहा कि चुनाव के दौरान किए जाने वाले वादे जीतने के लिए होते हैं, न कि प्रैक्टिकल। उन्‍होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए किए गए वादों को पूरा करना आर्थिक नजरिए से संभव नहीं होता, लेकिन हम चुनाव में ऐसा करते हैं। यह बात किसी भी पार्टी के साथ होती है।

इतना ही नहीं गडकरी का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया कि गडकरी ने इस बात को स्‍वीकार किया कि बीजेपी ने 2014 लोकसभा चुनाव बड़े-बड़े वादे किए, क्‍योंकि पार्टी को सत्‍ता में आने का भरोसा नहीं था। नितिन गडकरी का यह वीडियो कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया था। हालांकि, उस वक्‍त गडकरी यह कहकर बच निकले थे कि राहुल गांधी को मराठी कब से आनी लगी।

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