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कोलकाता: कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद का मानना है कि मौजूदा हालात में पार्टी का अकेले दम पर सत्ता में आना मुश्किल है, लेकिन ‘कांग्रेस को रोकने की कीमत पर’ विपक्षी महागठबंधन नहीं बनना चाहिए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा- अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए अन्य दलों को भी बलिदान और समझौते करने होंगे। कांग्रेस के सभी नेता अच्छी तरह से समझ गए हैं कि देश की सत्ता को बदलने के लिए गठबंधन बहुत जरूरी है।

उन्होंने कहा, ‘हमारे सभी नेताओं ने साफ कर दिया है कि देश की सरकार को बदलने के लिए गठबंधन की जरूरत है। ऐसे में गठबंधन को मूर्त रूप देने के लिए चाहे जिस त्याग, तालमेल और बातचीत की जरूरत हो, कांग्रेस वह करने के लिए तैयार है।’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की भांति अन्य विपक्षी दलों को भी यही रवैया अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि गठबंधन कांग्रेस को रोकने की कीमत पर नहीं, बल्कि बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए होना चाहिए।

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क्या अकेले के दम पर कांग्रेस का सत्ता में आना संभव है, इस सवाल पर खुर्शीद ने कहा, ‘निश्चित तौर पर आज यह मुश्किल है।’ उन्होंने कहा, ‘यदि यह (अकेले दम पर बहुमत पाना) उद्देश्य है तो हमें पांच साल काम करना होगा। क्योंकि आप तीन साल तक गठबंधन की दिशा में काम करके अचानक यह नहीं कह सकते कि हम (अपने दम पर) जीतने के लिए चुनाव लड़ेंगे. आपको पांच साल लड़ना होगा। आज हम गठबंधन के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे कि गठबंधन सफल हो।’

खुर्शीद ने कहा कि कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जिसे पूरे देश से सीटें मिलती हैं और अन्य सभी (विपक्षी) पार्टियों को अपने-अपने राज्यों से सीटें मिलती हैं। पूर्व विदेश मंत्री ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब विपक्ष 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए महागठबंधन बनाने की कोशिशों में जुटा है। बीएसपी प्रमुख मायावती ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस से गठबंधन नहीं करने का फैसला किया, जिससे महागठबंधन बनने की उम्मीदों को झटका लगा है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी मध्य प्रदेश में कांग्रेस से गठबंधन नहीं करने का फैसला किया है।

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