नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायाधीशें द्वारा न्यायालय के कार्यकलाप को लेकर प्रेस कांफ्रेंस के मामले में देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने चिंता जताते हुए कहा कि  ‘4 जजों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप पर हम काफी चिंतित हैं.’

ध्यान रहे सुप्रीम कोर्ट के 4 वरिष्ठ जज जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस मदन लोकुर, जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस रंजन गोगोई ने आज प्रेस कांफ्रेस कर उच्चतम न्यायालय के कार्यों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय में स्थिति ठीक नहीं है तथा कई ऐसी चीजें हुईं जिनकी जरूरत नहीं थी.

इस मामले में अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी की बैठक बुलाई है. शाम पांच बजे राहुल के घर पर बैठक शुरू हो चुकी है. बैठक के लिए कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद, मनीष तिवारी, कपिल सिब्बल, विवेक तन्खा और पी. चिदंबरम राहुल गांधी के आवास पर पहुंचे हैं.

कांग्रेस की इस बैठक से पहले पूर्व कानून मंत्री और वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस को काफी दुखद और दर्दनाक बताया है. उन्होंने कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत का ये हाल हो गया है कि वहां के जजों को मीडिया में आकर अपनी बात कहनी पड़ रही है.

सीपीआई नेता डी. राजा ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस चेलमेश्वर से मुलाकात की है. मुलाकात के बाद कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के नेता डी. राजा ने जस्टिस चेलमेश्वर से मुलाकात के बाद कहा कि जजों द्वारा उठाया गया कदम असाधारण है, और यह न्यायपालिका के गहरे संकट को दर्शाता है.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट को लेकर हुई जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि कोर्ट के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के चार जजों से मिली जानकारी ने देश के एक नागरिक के रूप में हमें निराश किया है. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका और मीडिया लोकतंत्र के खंभे हैं. लोकतंत्र के लिए न्यायपालिका में केंद्र सरकार की दखलअंदाजी खतरनाक है.

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