दिल्ली हिंसा पर बोले बादल – देश में न तो सेकुलरिज्म है और नहीं सोशलिज्म

दिल्ली हिं’सा पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सहयोगी अकाली दल ने मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि देश में सेकुलरिज्म, सोशलिज्म और डेमोक्रेसी नजर नहीं आ रही है। क्योंकि डेमोक्रेसी भी दो स्तर पर नजर आती है एक तो लोकसभा चुनाव और दूसरा राज्य के चुनाव में ।

पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि हमें अमन-शांति के साथ रहना बहुत आवश्यक है। हमारे देश के विधान में तीन चीजें लिखी हैं, जो सेकुलरिज्म, सोशलिज्म और डेमोक्रेसी। यहां ना तो सेकुलरिज्म है, ना ही सोशलिज्म है। अमीर, अमीर होता ही जा रहा है गरीब, गरीब होता ही जा रहा है।

इससे पहलेअकाली दल के नेता नरेश गुजराल ने कहा कि मैं 1984 को फिर से होता हुआ नहीं देखना चाहता हूं। मुझे दिल्लीवाला होने पर गर्व है। पिछली बार ये सिख थे और इस बार ये मुसलमान हैं। दुर्भाग्य से हर बार अल्पसंख्यक समुदाय ही हम’ले की चपेट में है। 1984 में सिख विरोधी दं’गे हुए थे। उस दौरान कई हजारों लोगों की जान गई थी।

मेरी शिकायत पर भी नहीं हुई कार्रवाई

नरेश गुजराल ने अपने खत में लिखा, ‘मैंने फोन पर एक घर में फंसे 16 मुस्लिमों की जानकारी दी और ऑपरेटर को बताया कि मैं संसद सदस्य हूं। 11:43 बजे, मुझे दिल्ली पुलिस से पुष्टि मिली कि मेरी शिकायत संख्या 946603 के साथ प्राप्त हुई। हालांकि मुझे निराशा हुई जब मेरी शिकायत पर कोई कार्रवाई हुई और उन 16 व्यक्तियों को दिल्ली पुलिस से कोई सहायता नहीं मिली।’

विज्ञापन