पटना: नागरिकता संशोधन विधेयक पर राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद यह कानून बन चुका है। इसके साथ ही जनता दल युनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने न केवल अपनी पार्टी बल्कि NDA के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है।

शुक्रवार को उन्होंनेफिर इस मसले को लेकर ट्वीट कर कहा, बहुमत से संसद में CAB पास हो गया। न्यायपालिका से परे, अब 16 गैर-बीजेपी मुख्यमंत्रियों पर भारत की आत्मा को बचाने की जिम्मेदारी है क्योंकि ये ऐसे राज्य हैं, जहां इसे लागू करना है। तीन मुख्यमंत्रियों (पंजाब, केरल और पश्चिम) ने CAB और NRC को नकार दिया है, और अब दूसरे गैर-बीजेपी राज्य के सीएम को अपना रुख स्पष्ट करने का समय आ गया है।

इससे पहले उन्होने ट्वीट किया था, हमें बताया गया है कि नागरिकता संशोधन विधेयक किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को नागरिकता देने के लिए है, लेकिन सच्चाई यह है कि NRC और यह CAB सरकार के हाथ में एक ऐसा घातक जोड़ हो सकता है जिसके जरिए धर्म के आधार पर लोगों से भेदभाव कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है।

इसी बीच उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के प्रधान महासचिव माधव आनंद ने प्रशांत किशोर को आरएलएसपी ने अपने साथ आने का ऑफर दिया है। आनंद ने कहा कि अगर किशोर आएंगे तो हम सब लोग उनका स्वागत करेंगे और सम्मान भी देंगे।

Loading...
अपने 2-3 वर्ष के शिशु के लिए अल्फाबेट, नंबर एंड्राइड गेम इनस्टॉल करें Kids Piano
विज्ञापन